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देवघर पुलिस ने "ऑपरेशन वज्र" के तहत की बड़ी कार्रवाई
Deoghar: श्रावणी मेला 2026 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बाबा बैद्यनाथ धाम में इस बार सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है। ऐसे समय में देवघर पुलिस ने "ऑपरेशन वज्र" के जरिए एक ऐसा संदेश दिया है, जिसने न केवल अपराधियों की नींद उड़ाई है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर अब तक फरार चल रहे इतने सारे वारंटी और आरोपित पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे थे?
07/08 जून 2026 की मध्यरात्रि में चलाए गए जिलेव्यापी विशेष अभियान में देवघर पुलिस ने एक ही रात में 44 न्यायालयी वारंटों का निष्पादन करते हुए 40 वांछित अपराधियों एवं वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस सूत्रों की मानें तो यह कोई सामान्य अभियान नहीं था। श्रावणी मेले के दौरान लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में फरार अपराधियों, वारंटियों और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
यही कारण है कि पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के नेतृत्व में जिले के सभी थाना क्षेत्रों को पहले से विशेष निर्देश जारी किए गए। संभावित ठिकानों की पहचान की गई, सूचनाएं एकत्रित की गईं और फिर आधी रात को एक साथ जिलेभर में दबिश दी गई।
सवाल यह है कि क्या यह अभियान केवल श्रावणी मेले तक सीमित रहेगा या फिर देवघर में अपराध नियंत्रण की स्थायी रणनीति का हिस्सा बनेगा?
इस विशेष ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए देवघर पुलिस की भारी भरकम फौज सड़कों पर उतरी। पूरे अभियान में 58 जांबाज पुलिस पदाधिकारियों के साथ-साथ 74 हथियारबंद पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। पुलिस की इस चक्रव्यूह जैसी घेराबंदी का नतीजा यह रहा कि लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे अपराधियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
इस प्रहार के दौरान पुलिस ने रिकॉर्ड कार्रवाई करते हुए कुल 44 न्यायालयी वारंटों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया। इसके साथ ही विभिन्न संगीन मामलों में वांछित चल रहे 40 खूंखार अपराधियों और स्थायी वारंटियों को रंगे हाथों धर-दबोचा गया। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से देवघर के पूरे आपराधिक जगत में हड़कंप मच गया है।
यह आंकड़े बताते हैं कि यह कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ चलाया गया पुलिस ऑपरेशन था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्तियों में विभिन्न आपराधिक मामलों, न्यायालय से निर्गत वारंटों तथा लंबे समय से लंबित मामलों के आरोपित शामिल हैं। हालांकि बड़ा प्रश्न यह भी है कि क्या इन गिरफ्तारियों में ऐसे अपराधी भी शामिल हैं जिनका संबंध मेले के दौरान सक्रिय होने वाले गिरोहों, चोरी, पॉकेटमारी, दलाली, नशा कारोबार या संगठित अपराध से रहा है?
यदि हां, तो यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच चोरी, ठगी, जेबकतरी, दलाली और अवैध गतिविधियों की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं।
ऐसे में देवघर पुलिस का यह अभियान संकेत देता है कि इस बार कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
जानकारों का मानना है कि यदि ऐसे अभियान लगातार जारी रहे तो मेले से पहले जिले का अपराध ग्राफ काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
ऑपरेशन वज्र के बाद पुलिस महकमे में उत्साह है तो अपराध जगत में बेचैनी भी दिखाई देने लगी है। एक ही रात में इतने बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी यह बताने के लिए काफी है कि पुलिस अब केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि फरार आरोपितों को कानून के सामने लाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है।
"श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए देवघर पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। फरार वारंटियों, अपराधियों और कानून से बचने का प्रयास करने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऑपरेशन वज्र केवल एक कार्रवाई नहीं, बल्कि कानून के शासन को मजबूत करने की दिशा में हमारी सतत पहल है। आम जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एक रात में 40 अपराधी गिरफ्तार हो सकते हैं, 44 वारंट निष्पादित हो सकते हैं, तो क्या आने वाले दिनों में देवघर पुलिस और बड़े नेटवर्क, संगठित अपराधियों तथा मेले के दौरान सक्रिय होने वाले गिरोहों पर भी इसी तरह का वज्र प्रहार करेगी?
Location : Deoghar
Published : 8 June 2026, 5:40 PM IST