देवघर से उठी माफी की मांग, अयोध्या राम मंदिर कोष पर लगे आरोपों के बीच ‘क्षमा याचना हवन’

धार्मिक नगरी देवघर जहां हर दिन लाखों श्रद्धालुओं की आस्था बाबा बैद्यनाथ के चरणों में नतमस्तक होती है वहीं आज बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर स्थित श्रीराम मंदिर से ऐसी आवाज उठी जिसने धर्म, राजनीति और जवाबदेही तीनों को एक साथ चर्चा के केंद्र में ला दिया।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 8 July 2026, 6:17 PM IST
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deoghar: धार्मिक नगरी देवघर जहां हर दिन लाखों श्रद्धालुओं की आस्था बाबा बैद्यनाथ के चरणों में नतमस्तक होती है वहीं आज बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर स्थित श्रीराम मंदिर से ऐसी आवाज उठी जिसने धर्म, राजनीति और जवाबदेही तीनों को एक साथ चर्चा के केंद्र में ला दिया।

ऋषि ब्रह्मर्षि सांस्कृतिक मंच की ओर से आयोजित क्षमा याचना हवन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि मंच के अनुसार यह भगवान श्रीराम से क्षमा मांगने का प्रतीकात्मक प्रयास है। मंच का आरोप है कि अयोध्या राम मंदिर कोष से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले और अनियमितताओं के आरोपों ने करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को आहत किया है।

देवघर के श्रीराम मंदिर में क्यों हुआ हवन

ऋषि ब्रह्मर्षि सांस्कृतिक मंच का कहना है कि यदि भगवान श्रीराम के नाम पर एकत्रित धन को लेकर समाज में संदेह पैदा होता है तो यह केवल आर्थिक मामला नहीं रह जाता, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय बन जाता है।

इसी भावना के साथ बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर स्थित श्रीराम मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच क्षमा याचना हवन किया गया। हवन में मौजूद लोगों ने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की कि यदि उनके नाम पर किसी प्रकार का अनैतिक कार्य हुआ हो, तो समाज को सत्य का मार्ग दिखाएं और दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाया जाए।

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देवघर में क्षमा याचना हवन

मंच के महासचिव मणिशंकर का बड़ा बयान

हवन के बाद ऋषि ब्रह्मर्षि सांस्कृतिक मंच के महासचिव मणिशंकर ने कहा कि हमने भगवान श्रीराम के समक्ष क्षमा याचना हवन किया है। राम करोड़ों लोगों की आस्था हैं। यदि राम मंदिर कोष को लेकर जो आरोप देशभर में चर्चा का विषय बने हैं, उनमें सत्य का अंश भी है, तो यह केवल आर्थिक नहीं बल्कि धार्मिक अपराध माना जाएगा। हम मांग करते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई देश के सामने आए।

यदि नैतिक जवाबदेही बनती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी भगवान श्रीराम और देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। हमारा उद्देश्य किसी धर्म का विरोध नहीं, बल्कि धर्म के नाम पर उठे सवालों का जवाब मांगना है।

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धर्म और जवाबदेही का सवाल

राम केवल एक राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्र हैं। जब आस्था से जुड़े किसी बड़े संस्थान पर आरोप लगते हैं, तो सवाल केवल पैसों का नहीं रह जाता, बल्कि विश्वास का भी हो जाता है। यही कारण है कि देवघर में आयोजित यह हवन अब चर्चा का विषय बन चुका है।

Location :  deoghar,

Published :  8 July 2026, 6:05 PM IST

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