नोएडा Golf Course प्रोजेक्ट पर बड़ा सवाल: ब्लैकलिस्ट एजेंसी को फिर कैसे काम?

नोएडा प्राधिकरण में गोल्फ कोर्स के अधूरे कार्य को लेकर अहम फैसला लेने पर विचार चल रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यदि पुरानी एजेंसी इस मामले को अदालत में ले जाती है तो प्राधिकरण की कानूनी स्थिति कमजोर हो सकती है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 13 May 2026, 6:35 PM IST
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Noida : सेक्टर-151ए में बन रहे इंटरनेशनल गोल्फ कोर्स (Golf Course) प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा विवाद सामने आ गया है। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि मैसर्स कश्यपी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, जिस पर पहले लापरवाही के आरोप लगे, FIR दर्ज हुई और ब्लैकलिस्ट भी किया गया था। अब उसी एजेंसी को फिर से बचे हुए काम की जिम्मेदारी देने की तैयारी चल रही है।

32% काम अब भी अधूरा

सेक्टर-151ए का यह गोल्फ कोर्स प्रोजेक्ट अब तक पूरा नहीं हो पाया है। करीब 32 प्रतिशत काम अभी बाकी है और तय समय सीमा 2022 में ही खत्म हो चुकी है। 2021 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट शुरुआत से ही देरी और रुकावटों में फंसा रहा।

बार-बार रुका काम, नहीं बनी रफ्तार

काम में लगातार दिक्कतें आती रहीं। कभी लागत को लेकर विवाद हुआ तो कभी ठेकेदार और नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) के बीच मतभेद बढ़े। कई महीनों तक काम बंद रहा और पिछले साल मार्च के बाद तो साइट पर पूरी तरह काम ठप हो गया। नोटिस और चेतावनी के बावजूद हालात नहीं सुधरे।

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जमीन की कमी भी बनी बड़ी बाधा

सिर्फ ठेकेदार ही नहीं, प्राधिकरण की तरफ से भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिस जमीन पर गोल्फ कोर्स बनना है। उसमें करीब ढाई हेक्टेयर जमीन अब तक किसानों से अधिग्रहित नहीं की जा सकी है। जिससे प्रोजेक्ट और ज्यादा अटक गया है।

44 करोड़ का बचा काम और नया विवाद

बचे हुए काम को पूरा करने के लिए करीब 44 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है। लेकिन नया टेंडर निकालने के बजाय उसी पुरानी एजेंसी को दोबारा काम देने पर विचार चल रहा है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि कानूनी विवाद या कोर्ट केस की स्थिति में प्राधिकरण का पक्ष कमजोर पड़ सकता है।

Location :  Noida

Published :  13 May 2026, 6:16 PM IST

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