नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में बिजनेस का मौका: जानिए कैसे मिलेंगी दुकान और कमर्शियल स्पेस, क्या है पूरी प्रक्रिया?

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सीधे दुकान नहीं मिलेगी। यहाँ रिटेल और फूड स्पेस टेंडर, लाइसेंस और कन्सेशन मॉडल के जरिए बड़े ऑपरेटर्स को दिए गए हैं। नए अवसरों के लिए ऑफिशियल टेंडर वेबसाइट पर नजर रखना ही एकमात्र जरिया है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 16 June 2026, 10:25 AM IST
google-preferred

Noida: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने की उलटी गिनती के साथ ही दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर के व्यापारियों की नजरें यहां मिलने वाले कमर्शियल मौकों पर टिक गई हैं। कई छोटे-बड़े कारोबारी यह जानना चाहते हैं कि क्या वे एयरपोर्ट के टर्मिनल के भीतर अपनी दुकान, कैफे, रेस्तरां या कोई अन्य आउटलेट खोल सकते हैं।

अगर आप भी ऐसा ही सोच रहे हैं, तो आपको यह जान लेना बेहद जरूरी है कि एयरपोर्ट के भीतर कमर्शियल स्पेस का आवंटन किसी सामान्य मॉल या स्थानीय बाजार की तरह नहीं होता है। यहाँ व्यापार के मौके टेंडर, लाइसेंस और कन्सेशन मॉडल के तहत तय किए जाते हैं।

क्या कोई भी व्यक्ति सीधे ले सकता है दुकान?

आम जनता के बीच यह धारणा हो सकती है कि आवेदन करके सीधे एयरपोर्ट के भीतर दुकान किराये पर ली जा सकती है, लेकिन नोएडा एयरपोर्ट का बिजनेस मॉडल पूरी तरह अलग है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने रिटेल और ड्यूटी-फ्री (Duty-Free) कारोबार का जिम्मा दो बेहद अनुभवी और बड़ी कंपनियों को सौंप दिया है। इनमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रसिद्ध कंपनी 'हाइनेमैन एशिया पैसिफिक' (Heinemann Asia Pacific) और भारतीय लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी 'बीडब्ल्यूसी फॉरवर्डर्स' (BWC Forwarders) शामिल हैं।

DN Exclusive: नोएडा एयरपोर्ट जाएं तो घर से टॉयलेट करके निकलें, नहीं तो इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर आ सकता है गुस्सा!

इसका सीधा मतलब यह है कि एयरपोर्ट के भीतर की मुख्य रिटेल स्पेस सीधे किसी व्यक्तिगत कारोबारी को आवंटित नहीं की जा रही हैं, बल्कि इन चुनी हुई कंपनियों के जरिए ही उनका संचालन और प्रबंधन किया जाएगा। इसके अलावा, फूड, बेवरेज और लाउंज सेवाओं के लिए भी एयरपोर्ट मैनेजमेंट चुनिंदा स्थापित पार्टनर्स के साथ काम कर रहा है।

आम व्यापारियों और ब्रांड्स के लिए क्या है रास्ता?

अगर कोई मध्यम या छोटा कारोबारी एयरपोर्ट परिसर या उसके आसपास व्यापार के अवसर तलाश रहा है, तो उसके लिए सबसे प्रामाणिक रास्ता 'आधिकारिक टेंडर प्रक्रिया' है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ऑफिशियल टेंडर वेबसाइट पर समय-समय पर विभिन्न सेवाओं के लिए बोलियाँ (Bids) आमंत्रित की जाती हैं।

इनमें होटल निर्माण, विमानों की मरम्मत (MRO), कार्गो हैंडलिंग, ग्राउंड स्टाफ सर्विसेज, कमर्शियल फैसिलिटीज और विशिष्ट कैटेगरीज के लाइसेंस शामिल हैं। यानी यदि आप यहाँ कदम रखना चाहते हैं, तो आपको सीधे दुकान मांगने के बजाय सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा जारी किए जाने वाले टेंडरों और नियमों के अनुसार आवेदन करना होगा।

रिटेल और डिजिटल सिस्टम का बड़ा नेटवर्क

एयरपोर्ट की आधिकारिक जानकारियों के मुताबिक, यात्रियों की सहूलियत के लिए यहाँ वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। ट्रैवल एक्सेसरीज, स्नैक्स, फैशन, कॉस्मेटिक्स और गिफ्ट्स जैसी श्रेणियों के लिए बड़े पैमाने पर रिटेल काउंटर्स की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

DN Exclusive: नोएडा एयरपोर्ट में जमीन देने वाले किसान खुश नहीं, जाने क्यों है योगी सरकार से नाराज

खास बात यह है कि एयरपोर्ट पर ऐसे आधुनिक डिजिटल और पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) सिस्टम लगाए जा रहे हैं, जो एक साथ सैकड़ों काउंटरों की बिक्री और स्टॉक पर लाइव नजर रख सकें। इससे साफ है कि आने वाले समय में यहां रिटेल बिजनेस का टर्नओवर और दायरा बहुत बड़ा होने वाला है, जिसमें केवल स्थापित और तकनीकी रूप से सक्षम ब्रांड्स को प्राथमिकता मिलेगी।

विस्तार के साथ भविष्य में मिलेंगे और भी बड़े मौके

जैसे-जैसे नोएडा एयरपोर्ट के रनवे और टर्मिनल्स का विस्तार होगा और यहाँ से उड़ान भरने वाले यात्रियों की संख्या लाखों में पहुँचेगी, कमर्शियल प्रोजेक्ट्स का दायरा भी स्वतः बढ़ता जाएगा। हाल के महीनों में यहाँ एयरोसिटी, लग्जरी होटल और मेंटेनेंस हब के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं।

Location :  Noida

Published :  16 June 2026, 10:25 AM IST

Related News

Advertisement