Nepal Flood: नेपाल में कब थगेमा बाढ़ का सैलाब, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

नेपाल की दो प्रमुख नदियों में पानी का बहाव फिलहाल सामान्य स्तर पर पहुंच गया है, लेकिन खतरे की आशंका अभी खत्म नहीं हुई है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने को कहा है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और आने वाले समय में तस्वीर बदल सकती है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 29 August 2026, 10:50 AM IST
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Kathmandu: नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों का जलस्तर शनिवार सुबह सामान्य स्तर पर पहुंच गया, लेकिन बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। बाढ़ पूर्वानुमान महाशाखा और राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, नदी के रास्ते में मलबे से बनी अस्थायी झील का आकार बढ़ रहा है। इसके अचानक टूटने की आशंका के चलते प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

स्थिति को देखते हुए नदी किनारे आवाजाही पर भी सावधानी बरती जा रही है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों, यात्रियों और राहत कार्यों में जुटी टीमों को नदी के आसपास जाने तथा वहां तस्वीरें लेने से बचने की अपील की है। लोगों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर रहने को कहा गया है।

शनिवार सुबह स्थिर रहा नदियों का जलस्तर

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे तक रसुवा की भोटेकोशी नदी और नुवाकोट से होकर गुजरने वाली त्रिशूली नदी का जलस्तर स्थिर रहा। दोनों नदियों में फिलहाल किसी बड़े उतार-चढ़ाव की सूचना नहीं है।

हालांकि विशेषज्ञों की नजर नदी के ऊपरी हिस्से में बनी अस्थायी झील पर टिकी हुई है। मलबे के कारण नदी का रास्ता प्रभावित हुआ है और इससे बनी झील का दायरा बढ़ने की बात सामने आई है।

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अस्थायी झील टूटी तो क्या होगा?

बाढ़ विशेषज्ञों के मुताबिक अगर मलबे से बनी अस्थायी झील अचानक टूटती है तो बड़ी मात्रा में पानी बेहद तेज गति से नीचे की ओर आ सकता है। इसके साथ पत्थर, मिट्टी और अन्य मलबा भी बह सकता है।

ऐसी स्थिति में नदी के निचले इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। यही वजह है कि फिलहाल नदियों का बहाव सामान्य होने के बावजूद प्रशासन किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता।

नदी किनारे जाने पर रोक

संभावित खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। लोगों को नदी किनारे जाने, स्थिति देखने के लिए भीड़ जुटाने या तस्वीरें लेने से मना किया गया है।

राहत एवं बचाव दलों को भी स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन का जोर इस समय लोगों को सुरक्षित रखने और संभावित खतरे से पहले तैयारी करने पर है।

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बिहार और यूपी पर भी नजर

नेपाल में पैदा हुई बाढ़ की स्थिति का असर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचने की आशंका जताई गई थी। खासकर बिहार की गंडक नदी और उत्तर प्रदेश के महाराजगंज तथा कुशीनगर जैसे सीमावर्ती जिलों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।

हालांकि राहत की बात यह है कि नेपाल से भारत की ओर आते-आते पानी का प्रवाह काफी कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बावजूद राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन की ओर से स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

फिलहाल भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों का बहाव सामान्य है, लेकिन ऊपर बनी अस्थायी झील के बढ़ते आकार ने खतरे को पूरी तरह खत्म नहीं होने दिया है। आने वाले घंटों में झील की स्थिति और नदी के जलस्तर पर नजर रखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।

 

Location :  Kathmandu

Published :  29 August 2026, 10:50 AM IST

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