चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप: यूपी-एमपी का संपर्क कटा, सड़कों पर चल रही हैं नावें

बाढ़ के कारण यूपी और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है। बेड़ी पुलिया से रामघाट जाने वाले मुख्य मार्ग पर पानी भरने के बाद नावें चल रही हैं। नदी का पानी अब आसपास की बस्तियों में भी प्रवेश करने लगा है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 29 August 2026, 11:48 AM IST
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चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में भारी बारिश के बाद मंदाकिनी नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। शुक्रवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद शनिवार सुबह नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे जिले में इस साल की सबसे बड़ी बाढ़ की स्थिति बन गई है। हालात इतने खराब हैं कि कई सड़कों पर पानी भर गया है और अब नावों के सहारे आवागमन हो रहा है।

बाढ़ के कारण यूपी और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है। बेड़ी पुलिया से रामघाट जाने वाले मुख्य मार्ग पर पानी भरने के बाद नावें चल रही हैं। नदी का पानी अब आसपास की बस्तियों में भी प्रवेश करने लगा है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

धार्मिक स्थलों में घुसा बाढ़ का पानी

मंदाकिनी नदी के उफान के चलते चित्रकूट के प्रसिद्ध रामघाट समेत कई धार्मिक स्थलों और वहां जाने वाले रास्तों पर पानी भर गया है। उत्तर प्रदेश की ओर रामघाट की अधिकांश दुकानें जलमग्न हो चुकी हैं। नदी किनारे बनी कई एक मंजिला इमारतें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं। दुकानों और घरों में तेजी से पानी भर रहा है। लगातार बारिश जारी रहने से प्रशासन ने जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई है।

रामघाट जाने वाले रास्तों पर रोक

बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की है। सुरक्षा के मद्देनजर रामघाट की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को सतर्क किया जा रहा है। स्थानीय लोग अपना जरूरी सामान लेकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

डोडा माफी बांध पर संकट

चित्रकूट की मानिकपुर तहसील के टिकरिया स्थित डोडा माफी बांध पर भी खतरा मंडरा रहा है। बताया जा रहा है कि बांध का एक गेट पूरी तरह जाम हो गया है और पानी ऊपर से बह रहा है। गेट के पास बने होल से पानी का रिसाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 15 दिन पहले ही उन्होंने दोनों गेट खराब होने की शिकायत सिंचाई विभाग से की थी, लेकिन केवल एक गेट की मरम्मत की गई।

सड़क पर रहने को मजबूर परिवार

बांध टूटने की आशंका के चलते मुझलोलवा, अहिरान, चौकी पुरवा, डोडा माफी खास गांव और लल्लू का पुरवा समेत कई गांवों के लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल गए हैं ।महिलाएं और बच्चे सड़क किनारे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रालियों से अनाज और मवेशियों को सुरक्षित जगह पहुंचा रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन के अधिकारी मौजूद नहीं हैं। उन्होंने एसडीएम और एनडीआरएफ टीम को तत्काल मौके पर भेजने की मांग की है।

Location :  Chitrakoot

Published :  29 August 2026, 11:40 AM IST

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