दिल्ली कूच से पहले मुजफ्फरनगर में बड़ा एक्शन! रातों-रात घरों में रोके गए सपा-कांग्रेस नेता, आखिर क्यों हुई यह कार्रवाई?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले मुजफ्फरनगर में सपा और कांग्रेस के कई नेताओं को पुलिस ने एहतियातन उनके घरों से बाहर निकलने नहीं दिया। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया, जबकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया सुरक्षा कदम बताया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 22 July 2026, 3:22 PM IST
google-preferred

Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले बुधवार को उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के कई नेताओं को उनके घरों से बाहर निकलने नहीं दिया गया। पुलिस ने मंगलवार देर रात से ही कई नेताओं के आवासों पर पुलिस बल तैनात कर दिया था। सुबह जब नेता दिल्ली रवाना होने की तैयारी में थे, तो उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया गया। इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति में नई बहस छिड़ गई।

दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने की थी तैयारी

जानकारी के अनुसार, सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोध शर्मा समेत कई नेता दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए निकलने वाले थे। प्रशासन को पहले से इसकी जानकारी थी। इसी के चलते पुलिस ने एहतियातन कदम उठाते हुए नेताओं के घरों पर निगरानी बढ़ा दी और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी।

नेताओं ने कार्रवाई को बताया लोकतंत्र पर हमला

हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। नेताओं का आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस प्रशासन का सहारा ले रही है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

Muzaffarnagar Encounter: 12 घंटे में चौथी मुठभेड़, गन्ने के खेत में छिपा शातिर… गोलियां चलीं और फिर हुआ बड़ा खेल

प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का दिया हवाला

वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में प्रस्तावित कार्यक्रम और संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह कार्रवाई पूरी तरह एहतियाती कदम के रूप में की गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने और जिले में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से संबंधित नेताओं की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई।

विरासत और सम्मान के लिए बलरामपुर एकजुट, किस चौराहे पर किसकी मूर्ति लगाने की उठी मांग

जिले में गर्माई सियासत

दिल्ली कूच से पहले हुई इस कार्रवाई के बाद मुजफ्फरनगर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बता रहे हैं, जबकि प्रशासन अपनी कार्रवाई को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम बता रहा है। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जिले की राजनीति में बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  22 July 2026, 3:22 PM IST

Related News

Advertisement