क्या बदलने वाला है यूपी की सियासत का रुख? सीटों के गणित से लेकर नई रणनीति तक, जानिए बंद कमरे से क्या खबर बाहर आई

यूपी चुनाव 2027 से पहले सपा और कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं, लेकिन असली सवाल सीटों के बंटवारे को लेकर है। कांग्रेस ज्यादा सीटों की हिस्सेदारी चाहती है, जबकि सपा पिछले प्रदर्शन को आधार बनाने की बात कर रही है। अब देखना होगा कि दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग का अंतिम फॉर्मूला क्या निकलता है।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 4 September 2026, 3:13 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाओं और चुनावी रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है। दोनों पार्टियों ने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में हाल के दिनों में दोनों दलों की अलग-अलग अहम बैठकें हुई हैं।

दिल्ली में कांग्रेस ने बनाई चुनावी रणनीति

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने और पार्टी की चुनावी रणनीति तैयार करने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही सपा के साथ संभावित गठबंधन और सीट शेयरिंग के फॉर्मूले को लेकर भी नेताओं ने मंथन किया।

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सपा ने जिलाध्यक्षों के साथ की बड़ी बैठक

वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों के साथ बैठक की। इस बैठक में पार्टी संगठन की जमीनी स्थिति की समीक्षा की गई। सपा का जोर खास तौर पर बूथ और ब्लॉक स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर है, ताकि चुनाव से पहले पार्टी की तैयारियों को और प्रभावी बनाया जा सके।

वोटर लिस्ट पर भी सपा का फोकस

सपा की बैठक में मतदाता सूची से जुड़ी खामियों को दूर करने पर भी जोर दिया गया। पार्टी स्तर पर वोटर लिस्ट की जांच और उसमें जरूरी सुधार कराने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। माना जा रहा है कि चुनाव से पहले सपा बूथ स्तर पर अपने संगठन और मतदाता नेटवर्क को मजबूत करना चाहती है।

सीट बंटवारे को लेकर अभी भी पेंच

सपा और कांग्रेस भले ही 2027 का विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही हों, लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों दलों की प्राथमिकताएं अलग दिखाई दे रही हैं। कांग्रेस प्रदेश में ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जता रही है और करीब 50 प्रतिशत सीटों के आसपास सम्मानजनक हिस्सेदारी की मांग को लेकर चर्चा कर रही है।

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पिछले प्रदर्शन को आधार बनाने की सपा की रणनीति

दूसरी ओर, सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से संकेत दिया गया है कि गठबंधन में सीटों का फैसला पिछले चुनावी प्रदर्शन को आधार बनाकर किया जाना चाहिए। ऐसे में दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला तय करना सबसे अहम मुद्दों में से एक बन गया है। आने वाले समय में होने वाली बैठकों में इस पर सहमति बनाने की कोशिश तेज हो सकती है।

गठबंधन के सामने सीट शेयरिंग बड़ी चुनौती

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस की तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं, लेकिन गठबंधन की तस्वीर काफी हद तक सीट शेयरिंग पर निर्भर करेगी। संगठनात्मक तैयारियों के साथ दोनों दलों के नेताओं के बीच बातचीत का अगला दौर इस बात के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि दोनों पार्टियां कितनी सीटों पर और किस फॉर्मूले के तहत साथ चुनाव लड़ती हैं

Location :  Lucknow

Published :  4 September 2026, 3:13 PM IST

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