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मुजफ्फरनगर में ग्रामीणों में आक्रोश
Muzaffarnagar: चरथावल विकास खंड क्षेत्र के सैद नगला गांव में तीन दिनों तक हुई बारिश ने सरकारी तालाब के किनारे रहने वाले गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दीं। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब लंबे समय से कूड़े, घास और गंदगी से भरा हुआ है। पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी तालाब से निकलकर आसपास के घरों में घुस गया।
ग्रामीणों के मुताबिक पूरे गांव का बरसाती पानी इसी तालाब में पहुंचता है। तालाब भरने के बाद कई घरों के कमरों और रसोई में कई फीट तक गंदा पानी जमा हो गया। पानी के साथ कूड़ा और अन्य गंदगी भी घरों में घुस गई, जिससे लोगों को तीन दिनों तक छतों पर रहकर अपना बचाव करना पड़ा। छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवारों में डर बना रहा।
घरों में घुसा तालाब का पानी
स्थानीय लोगों ने बताया कि ग्राम प्रधान की ओर से निजी खर्चे पर ट्यूबवेल का इंजन लगवाकर तालाब का पानी जंगल की ओर निकलवाया गया। इसके बाद क्षेत्र में जलस्तर कुछ कम हुआ। ग्रामीणों ने इस तत्काल प्रयास की सराहना की, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए तालाब की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
ग्रामीण उदयवीर सिंह कश्यप ने कहा कि उनकी उम्र 56 वर्ष हो चुकी है, लेकिन उन्होंने तालाब की सफाई होते नहीं देखी। उनका आरोप है कि बारिश के दौरान तालाब का पानी बार-बार घरों में भर जाता है। उन्होंने प्रशासन से तालाब की सफाई कराकर बच्चों और परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
जिला पंचायत के वार्ड नंबर 12 के सदस्य अमरकांत मलिक उर्फ चीकू ने दावा किया कि तालाब की करीब 20 वर्षों से सफाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बीडीओ को दो महीने पहले भी समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन को 27 जुलाई तक तालाब की सफाई कराने की चेतावनी दी और कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों के साथ उग्र विरोध प्रदर्शन करने की बात कही।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और विकास विभाग के अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर तालाब की तत्काल सफाई, गंदे पानी की निकासी और भविष्य में जलभराव रोकने के लिए स्थायी नाला निर्माण कराने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Location : Muzaffarnagar
Published : 12 July 2026, 6:21 AM IST