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मिर्जापुर के मृत्युंजय यादव ने रचा इतिहास (IMG: Dynamite News)
Mirzapur: मिर्जापुर के एक छोटे से गांव से निकलकर एक छात्र ने राष्ट्रीय स्तर के खेल मंच पर ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसकी चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है। कर्नाटक में आयोजित अंडर-15 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सेंट मैरीज स्कूल, मिर्जापुर के छात्र मृत्युंजय यादव ने हाई जंप यानी ऊंची कूद स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच मुकाबला आसान नहीं था।
प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती गई, मुकाबला और मुश्किल होता चला गया। ऐसे समय में खिलाड़ी की तकनीक के साथ-साथ उसकी मानसिक मजबूती भी बेहद अहम हो जाती है। मृत्युंजय यादव ने फाइनल में शानदार तकनीक और आत्मविश्वास के साथ अपनी छलांग लगाई। उन्होंने निर्धारित ऊंचाई को सफलतापूर्वक पार करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। उनकी इस शानदार उपलब्धि के बाद स्वर्ण पदक उनके नाम हो गया।
मृत्युंजय यादव मिर्जापुर जिले की लालगंज तहसील क्षेत्र के विरतिया गांव के रहने वाले हैं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। उनकी इस सफलता के पीछे उनकी मेहनत, खेल के प्रति लगन और लगातार अभ्यास की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना यह बताता है कि अगर प्रतिभा को सही दिशा और मेहनत का साथ मिल जाए तो छोटे शहर और गांव के खिलाड़ी भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
मृत्युंजय यादव की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उनके पिता मुलचंद यादव सीमा सुरक्षा बल यानी BSF में तैनात हैं और देश की सेवा कर रहे हैं। पिता जहां सरहद पर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वहीं बेटा खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा के दम पर परिवार और जिले का नाम रोशन कर रहा है। मृत्युंजय के पिता मुलचंद यादव खुद भी खेल से जुड़े रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर तक खेल चुके हैं। ऐसे में माना जा सकता है कि परिवार में खेल के प्रति रुचि और अनुशासन का माहौल मृत्युंजय को आगे बढ़ने में मददगार रहा है।
मृत्युंजय यादव की इस कामयाबी के बाद उनके स्कूल में भी खुशी का माहौल है। शिक्षकों और सहपाठियों के लिए यह गर्व की बात है कि उनके स्कूल का छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर लौटा है। वहीं, विरतिया गांव और लालगंज क्षेत्र के लोगों में भी इस उपलब्धि को लेकर उत्साह है। स्थानीय लोगों के लिए मृत्युंजय की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने मिर्जापुर जैसे जिले से निकलकर देश के अलग-अलग राज्यों से आए खिलाड़ियों के बीच अपनी प्रतिभा साबित की है।
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अंडर-15 स्तर पर राष्ट्रीय चैंपियन बनना मृत्युंजय यादव के खेल करियर की एक बड़ी शुरुआत है। हाई जंप जैसी तकनीकी और मेहनत वाले खेल में लगातार प्रदर्शन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में अब उनकी नजर आगे की प्रतियोगिताओं और बड़े स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने पर होगी। मृत्युंजय की यह उपलब्धि मिर्जापुर के उन तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जो संसाधनों की कमी या छोटे शहर में रहने की वजह से बड़े मंच तक पहुंचने का सपना देखते हैं।
Location : Mirzapur
Published : 2 September 2026, 5:51 PM IST
Topics : High Jump Gold Medal mirzapur news Mrityunjay Yadav National Athletics Championship Under 15 Athletics