भड़काने की राजनीति’ पर बरसीं मायावती, बोलीं- न्याय के लिए संविधान पर रखें भरोसा

बसपा प्रमुख मायावती ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन पीड़ितों को भड़काकर राजनीतिक लाभ उठाते हैं। उन्होंने लोगों से संविधान और कानून के दायरे में रहकर न्याय की लड़ाई लड़ने की अपील की और कहा कि सड़कों पर उतरने के बजाय अदालतों का सहारा लेना चाहिए।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 10 July 2026, 2:28 PM IST
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Lucknow: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने राजनीतिक दलों और कुछ संगठनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे पीड़ित और वंचित समाज के लोगों को न्याय दिलाने के बजाय उन्हें भड़काकर सड़कों पर उतारते हैं और फिर उसी मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकते हैं। उन्होंने लोगों से संविधान और कानून के दायरे में रहकर न्याय की लड़ाई लड़ने की अपील की।

हालिया घटनाओं का किया जिक्र

शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज, हरदोई समेत उत्तर प्रदेश के कई हालिया मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन पीड़ित परिवारों की मदद करने के बजाय उन्हें प्रदर्शन, सड़क जाम और टकराव के लिए उकसाते हैं।

'पहले भड़काते हैं, फिर बहाते हैं मगरमच्छ के आंसू'

मायावती ने कहा कि कुछ नेता पहले लोगों को गुमराह कर सड़कों पर उतरने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके बाद जब माहौल बिगड़ता है तो वही नेता घटनास्थल पर पहुंचकर सहानुभूति जताते हैं और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता, बल्कि उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।

बाबा साहेब आंबेडकर के रास्ते पर चलने की अपील

बसपा प्रमुख ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने दलितों, वंचितों और कमजोर वर्गों को संविधान और लोकतंत्र के माध्यम से अपने अधिकार हासिल करने का रास्ता दिखाया था। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ लड़ाई कानून और संविधान के दायरे में रहकर ही लड़ी जानी चाहिए।

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'निचली अदालत से न्याय न मिले तो सुप्रीम कोर्ट जाएं'

मायावती ने कहा कि यदि किसी पीड़ित को निचली अदालत से न्याय नहीं मिलता है, तो उसे उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए। उन्होंने हिंसा, टकराव और सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने वाले तरीकों से बचने की सलाह दी।

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'राजनीतिक ताकत ही सबसे बड़ी चाबी'

मायावती ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का स्थायी समाधान राजनीतिक सशक्तिकरण से ही संभव है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने भी वोट की ताकत और लोकतांत्रिक भागीदारी को परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बताया था। बसपा इसी विचारधारा पर लगातार काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी।

Location :  Mayawati

Published :  10 July 2026, 2:28 PM IST

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