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कौन हैं जेके आज़ाद? (Img: Pinterest)
Mau: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने मऊ जिले की एकमात्र सुरक्षित विधानसभा सीट मुहम्मदाबाद गोहना से बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए जेके आज़ाद को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। प्रत्याशी के नाम की घोषणा के साथ ही पार्टी के अंदर विरोध के स्वर भी तेज हो गए हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने बाहरी उम्मीदवार को टिकट दिए जाने पर सवाल उठाए हैं, जिससे चुनाव से पहले बसपा की आंतरिक राजनीति चर्चा का विषय बन गई है।
जेके आज़ाद को लेकर लोगों में उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह पड़ोसी जिले आजमगढ़ के जहानागंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर-6 के मूल निवासी हैं। उनका परिवार राजनीतिक पृष्ठभूमि से नहीं जुड़ा है, लेकिन उन्होंने लंबे समय तक बसपा संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया है। नगर पंचायत चुनाव में भी उन्होंने टिकट पाने की कोशिश की थी, हालांकि टिकट न मिलने पर उन्होंने अपना दावा वापस ले लिया था।
मुहम्मदाबाद गोहना से जेके आज़ाद के नाम की घोषणा के बाद बसपा के कई स्थानीय कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जिले में वर्षों से पार्टी के लिए काम करने वाले कई समर्पित कार्यकर्ता मौजूद हैं, फिर भी बाहरी उम्मीदवार को टिकट देना उचित नहीं है। इस फैसले को लेकर संगठन के भीतर असंतोष साफ दिखाई दे रहा है।
मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा सीट मऊ जिले की एकमात्र सुरक्षित सीट है। वर्तमान में यहां समाजवादी पार्टी के राजेंद्र कुमार विधायक हैं। इस सीट पर दलित मतदाता बड़ी संख्या में हैं, लेकिन यादव, मुस्लिम, राजभर, चौहान, वैश्य, ठाकुर, ब्राह्मण और भूमिहार समुदाय भी चुनावी परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में बसपा के भीतर बढ़ता विरोध आगामी चुनाव में पार्टी की रणनीति पर असर डाल सकता है।
बसपा के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंटू ने पूरे विवाद को पार्टी का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता को कोई आपत्ति है तो उसे संगठन के भीतर बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी कार्यकर्ता मिलकर पार्टी और नेतृत्व को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर काम करेंगे।
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विशेषज्ञों का मानना है कि बसपा ने चुनावी तैयारी का संकेत देते हुए समय से पहले उम्मीदवार घोषित कर संगठन को सक्रिय करने की कोशिश की है। हालांकि, यदि स्थानीय स्तर पर विरोध शांत नहीं हुआ तो यह फैसला पार्टी के लिए चुनौती भी बन सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जेके आज़ाद स्थानीय कार्यकर्ताओं का भरोसा जीत पाते हैं या नहीं।
Location : Lucknow
Published : 7 July 2026, 3:17 PM IST
Topics : BSP Mau Politics Uttar Pradesh Election 2027