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बसपा सुप्रीमो मायावती (Img: Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक नए विवाद में घिर गई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल का एक कथित वीडियो सामने आने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। वीडियो में कथित तौर पर मायावती से मुलाकात के लिए 5 लाख रुपये और बसपा टिकट के बदले 3.35 करोड़ रुपये की बात कही जा रही है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
मामले ने तूल पकड़ा तो बसपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने खुद सामने आकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबी पोस्ट लिखते हुए आरोपों को पूरी तरह खारिज किया और इसे बसपा को बदनाम करने की साजिश बताया। मायावती ने कहा कि बसपा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों पर चलने वाली एक ईमानदार और सिद्धांतवादी पार्टी है। पार्टी बड़े उद्योगपतियों या धनकुबेरों के इशारों पर नहीं चलती, बल्कि अपने समर्थकों के सहयोग से आगे बढ़ती है।
जैसाकि सर्वविदित है कि बी.एस.पी. देश में ’बहुजन समाज’ व अपरकास्ट समाज के ग़रीब शोषित-पीड़ित व उपेक्षितों द्वारा, उनके संवैधानिक हक़ व न्याय आदि के लिये परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के बताये रास्तों पर चलने वाली ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की सच्ची व ईमानदार…
— Mayawati (@Mayawati) June 19, 2026
बसपा सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें हमेशा से पार्टी की विचारधारा और बढ़ते जनाधार से परेशान रही हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, पार्टी और उसके नेतृत्व को बदनाम करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। मायावती के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है जब बसपा को निशाना बनाया गया हो। उन्होंने दावा किया कि चुनावी माहौल में लोगों का ध्यान दूसरी पार्टियों की गतिविधियों से हटाने के लिए बसपा पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
मायावती ने अपनी पोस्ट में यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया लगातार चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल समेत पार्टी के सभी पदाधिकारी संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए संभावित उम्मीदवारों की जांच-पड़ताल में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों से उनकी सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक स्थिति के साथ-साथ पार्टी के प्रति निष्ठा और प्रतिबद्धता को लेकर कई तरह के सवाल पूछे जाते हैं। ऐसे सवाल-जवाब को बिना पूरी जानकारी के गलत तरीके से पेश करना उचित नहीं है।
बसपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से भी अपील की कि वे विरोधियों द्वारा फैलाए जा रहे कथित भ्रम और अफवाहों का शिकार न बनें। उन्होंने कहा कि पार्टी का पूरा फोकस मिशन 2027 पर है और कार्यकर्ताओं को इसी लक्ष्य के साथ काम करना चाहिए। मायावती ने दावा किया कि बसपा की तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों से राजनीतिक विरोधियों की बेचैनी बढ़ रही है, इसलिए इस तरह के विवाद खड़े किए जा रहे हैं।
Location : Lucknow
Published : 19 June 2026, 2:06 PM IST