राम मंदिर दान विवाद में मायावती का बड़ा दांव! विपक्ष को दी खुली चुनौती, बोलीं- सबूत हैं तो सामने लाओ, वरना बंद करो राजनीति

राम मंदिर दान विवाद पर बसपा प्रमुख मायावती ने ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधकों की भी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी से आरोपों के ठोस सबूत सार्वजनिक करने की चुनौती दी। इस बीच ट्रस्ट की बैठक और एसआईटी जांच को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 7 July 2026, 3:47 PM IST
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Lucknow: अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे विवाद के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने राम मंदिर के साथ उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में सामने आए कथित चढ़ावा विवाद की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि ट्रस्ट से जुड़े मुख्य प्रबंधकों की भूमिका की भी गहराई से जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी से कहा कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार के आरोपों के ठोस सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक करें, अन्यथा इस मुद्दे पर राजनीति बंद करें।

मुख्य प्रबंधकों की जांच की उठाई मांग

मायावती ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि यदि धार्मिक संस्थानों में निचले स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जिम्मेदारी केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, यह भी जांच का विषय होना चाहिए कि कहीं मुख्य प्रबंधकों की मिलीभगत या लापरवाही तो इसके पीछे नहीं रही। उन्होंने सरकार और एसआईटी से निष्पक्ष एवं व्यापक जांच सुनिश्चित करने की अपील की।

विपक्षी दलों को दी चुनौती

बसपा प्रमुख ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के पास कथित दान गड़बड़ी से जुड़े ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि दोषी बच न सकें। उन्होंने कहा कि बिना सबूत गंभीर आरोप लगाना केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास माना जाएगा।

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ट्रस्ट की बैठक में हुए अहम फैसले

इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हालिया बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने माना कि हुई घटनाओं से राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। अगली बैठक 22 जुलाई को प्रस्तावित है और तब तक ट्रस्ट की जिम्मेदारी कृष्ण मोहन को सौंपी गई है।

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एसआईटी जांच पर टिकी निगाहें

दान राशि से जुड़े पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद अब अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है। राजनीतिक बयानबाजी के बीच सभी पक्ष निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब यह देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और उसके आधार पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

Location :  Ayodhya

Published :  7 July 2026, 3:47 PM IST

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