राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़! विहिप ने ट्रस्ट का किया बचाव, लेकिन जांच पर कही बड़ी बात

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने समय पर एफआईआर दर्ज कराई और जांच में सहयोग किया। साथ ही स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को जांच से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 7 July 2026, 8:26 AM IST
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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच के दायरे से किसी भी व्यक्ति को बाहर नहीं रखा जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की भूमिका का बचाव करते हुए कहा कि ट्रस्ट ने न कोई लापरवाही की और न ही जांच में कोई देरी की।

'ट्रस्ट ने खुद दर्ज कराई एफआईआर'

आलोक कुमार ने कहा कि पूरे मामले में सबसे पहले ट्रस्ट ने ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया। उनका कहना है कि ट्रस्ट ने मामले को छिपाने की बजाय कानूनी कार्रवाई शुरू कराई, इसलिए इस स्तर पर ट्रस्ट की भूमिका पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा।

चंपत राय और जमीन विवाद पर भी बोले

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर उठ रहे सवालों को लेकर आलोक कुमार ने कहा कि फिलहाल किसी को क्लीन चिट देना या दोषी ठहराना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि जमीन खरीद से जुड़े आरोपों की भी जांच जारी है और एसआईटी इस मामले की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही होगा।

महिपाल सिंह के आरोपों की भी होगी जांच

ट्रस्ट के पूर्व लेखाधिकारी महिपाल सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी विहिप अध्यक्ष ने जांच की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि महिपाल सिंह के दावे कितने सही हैं और उन्हें किन परिस्थितियों में पद छोड़ना पड़ा। निर्माण कार्यों में 40 प्रतिशत कमीशन लेने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि यह दावा फिलहाल विश्वसनीय नहीं लगता, लेकिन इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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'आस्था नहीं, प्रबंधन पर उठ सकते हैं सवाल'

आलोक कुमार ने कहा कि इस घटना से श्रद्धालुओं की भगवान राम के प्रति आस्था प्रभावित नहीं होगी। लोगों की नाराजगी यदि होगी तो केवल प्रबंधन को लेकर होगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में दोषी लोगों को कड़ी सजा मिलती है तो समाज का भरोसा और मजबूत होगा। वहीं दोषियों को बचाने की कोशिश हुई तो जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।

Location :  Ayodhya

Published :  7 July 2026, 8:25 AM IST

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