राम मंदिर के चढ़ावे से पानी बेचने वाला बना आलीशान घर का मालिक? जांच में कितना दम

राम मंदिर चढ़ावा विवाद की एसआईटी जांच में आरोपियों की आर्थिक स्थिति में अचानक हुए बदलाव पर सवाल उठे हैं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं और संपत्तियों की भी जांच जारी है। ट्रस्ट की आपात बैठक के बीच अब सभी की नजर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 7 July 2026, 3:39 PM IST
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अयोध्या/लखनऊ: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में आरोपियों की आर्थिक स्थिति में अचानक आए बदलाव पर सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, जिन लोगों की मासिक आय लगभग 14 से 15 हजार रुपये बताई जा रही थी, वे अब आलीशान मकानों और महंगी एसयूवी के मालिक पाए गए हैं। हालांकि, एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है और जांच जारी है।

पानी बेचने से घर और Brezza तक

जांच के दायरे में आए आरोपी अविनाश शुक्ला के बारे में पुलिस का कहना है कि राम मंदिर के दान गिनती केंद्र में नौकरी मिलने से पहले वह अयोध्या में हनुमान गुफा के पास पीने का पानी बेचता था। मूल रूप से प्रतापगढ़ निवासी अविनाश ने अयोध्या में अपना घर बनवाया। पुलिस ने उसकी कथित तौर पर भाई के नाम पर खरीदी गई मारुति ब्रेजा कार भी जब्त कर ली है।

पूछताछ में क्या सामने आया?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान पूछताछ में अविनाश शुक्ला ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। दावा किया गया कि छह लोगों का एक समूह कथित रूप से चढ़ावे की रकम में हेराफेरी करता था और रकम का बंटवारा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के सुनसान स्थान पर किया जाता था। पुलिस इन दावों की स्वतंत्र जांच कर रही है।

दूसरे आरोपी की संपत्ति भी जांच के घेरे में

जांच में एक अन्य आरोपी लवकुश मिश्रा द्वारा खरीदी गई संपत्ति भी सवालों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने पिछले वर्ष अयोध्या के सोहावल क्षेत्र की बनिपुर कॉलोनी में 1,000 वर्ग फीट का प्लॉट खरीदा था। रजिस्ट्री में इसकी कीमत 8.8 लाख रुपये दर्ज है, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि बाजार मूल्य इससे कहीं अधिक हो सकता है। पुलिस संपत्ति से जुड़े वित्तीय स्रोतों की भी जांच कर रही है।

ट्रस्ट की आपात बैठक पर सबकी नजर

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आपात बैठक बुलाई गई है। बैठक में एसआईटी की प्रारंभिक जांच, मंदिर प्रशासन में सुधार और मुख्य पदों पर चर्चा होने की संभावना है। इसी बीच कुछ संतों ने अपील की है कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।

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जांच जारी, अंतिम रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है। पुलिस और एसआईटी वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी और उसी के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Ayodhya

Published :  7 July 2026, 3:39 PM IST

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