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राम मंदिर चढ़ावा चोरी में सबसे बड़ा खुलासा! (Img: Pinterest)
Ayodhya: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट पहली बार सार्वजनिक हो गई है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चढ़ावे की गणना के दौरान नोटों की गड्डियां और खुले नोट चोरी करने की घटनाएं करीब 70 बार सीसीटीवी कैमरों में कैद हुईं। जांच में यह भी सामने आया कि 27 अप्रैल 2025 से पहले भी चोरी और गबन होता रहा, लेकिन उस अवधि का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं होने के कारण वास्तविक नुकसान का आकलन नहीं हो सका।
एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार 6 फरवरी 2025 को बनाई गई एसओपी (SOP) में गणना कक्ष की निगरानी, तलाशी और प्रवेश से जुड़े नियमों को कमजोर कर दिया गया। पहले अनिवार्य तलाशी का प्रावधान था, जिसे बाद में नियमित या रैंडम तलाशी में बदल दिया गया। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर आरोपियों ने लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया।
रिपोर्ट में ट्रस्ट प्रतिनिधि डॉ. अनिल मिश्रा को दान और चढ़ावा प्रबंधन की निगरानी में लापरवाही का दोषी माना गया है। वहीं, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की भूमिका सबसे अहम बताई गई है। जांच में सामने आया कि उनके पास मंदिर की विभिन्न हुंडियों की चाबियां थीं, जबकि इसके लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं थी। उन्होंने अपने रिश्तेदार को गणना कार्य में लगवाया, जिससे कथित गबन का अवसर मिला।
सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी गोपाल राव का कहीं उल्लेख नहीं है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें प्रारंभिक स्तर पर क्लीन चिट मिली है या विस्तृत जांच में उनकी भूमिका की समीक्षा अभी बाकी है।
रिपोर्ट में ट्रस्ट और बैंक दोनों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। गणना कर्मियों की निर्धारित वेशभूषा, प्रभावी तलाशी, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और 180 दिन तक फुटेज सुरक्षित रखने जैसे नियमों का पालन नहीं किया गया। केवल 45 दिन का बैकअप रखा गया, जिससे पुराने साक्ष्य नष्ट हो गए।
ट्रस्ट की बैठक में स्पष्ट किया गया कि एसआईटी की जांच अभी जारी है और यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है। प्रथम दृष्टया आठ लोगों के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर एफआईआर दर्ज की गई है और गिरफ्तारियां भी हुई हैं। ट्रस्ट ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा तथा भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया जाएगा।
Location : Ayodhya
Published : 7 July 2026, 11:43 AM IST