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मुज़फ्फरनगर की डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के 2026-27 चुनाव में प्रमोद त्यागी ने अध्यक्ष पद पर जोरदार वापसी की, जबकि सुरेंद्र कुमार मलिक महासचिव चुने गए। मतगणना के अंतिम दौर के बाद परिणाम घोषित होते ही कचहरी परिसर में जश्न का माहौल बन गया। अधिवक्ताओं ने इसे अनुभव, भरोसे और नई ऊर्जा की जीत बताया।
मुजफ्फरनगर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन चुनाव
Muzaffarnagar: सबसे प्रतिष्ठित अधिवक्ता संस्था डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के साल 2026-27 के चुनाव परिणामों ने कचहरी की सियासत का रुख बदल दिया है। रोमांचक मुकाबले और कड़ी टक्कर के बीच अध्यक्ष पद पर प्रमोद त्यागी ने जोरदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की, जबकि महासचिव पद पर सुरेंद्र कुमार मलिक ने निर्णायक बढ़त के साथ बाजी मार ली।
मतगणना के अंतिम चरण तक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना रहा। जैसे ही आधिकारिक घोषणा हुई, कचहरी परिसर जयघोष से गूंज उठा। समर्थकों ने विजयी प्रत्याशियों को फूल-मालाओं से लाद दिया और ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न मनाया। कई अधिवक्ताओं ने इस परिणाम को अनुभव और भरोसे की जीत बताया।
मुज़फ्फरनगर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन चुनाव 2026-27 में बड़ा उलटफेर। प्रमोद त्यागी ने अध्यक्ष पद पर जोरदार वापसी की, जबकि सुरेंद्र कुमार मलिक महासचिव चुने गए।
परिणाम घोषित होते ही कचहरी परिसर में जश्न, समर्थकों ने फूल-मालाओं से किया स्वागत।#Muzaffarnagar #BarElection… pic.twitter.com/VC8WdmllUj— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) February 14, 2026
अध्यक्ष पद पर प्रमोद त्यागी की वापसी को अधिवक्ता राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने बार की गरिमा बनाए रखने, अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा करने और न्यायिक कार्य में आने वाली समस्याओं को प्राथमिकता से उठाने का वादा किया था। उनकी जीत को उनके अनुभव और संगठन में मजबूत पकड़ का नतीजा माना जा रहा है।
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वहीं महासचिव बने सुरेंद्र कुमार मलिक ने चुनाव के दौरान युवा और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की बात कही थी। उन्होंने संगठन को अधिक सक्रिय और पारदर्शी बनाने का आश्वासन दिया था। उनकी जीत को नई सोच और ऊर्जा का समर्थन माना जा रहा है।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट काजी शिवली ने विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि नई कार्यकारिणी अधिवक्ताओं की लंबित समस्याओं के समाधान और संगठन की मजबूती की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से एकजुटता बनाए रखने की अपील भी की।
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चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजयी पदाधिकारियों ने कहा कि यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे बार परिवार की है। उन्होंने पारदर्शिता, एकता और अधिवक्ताओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया।
गौरतलब है कि इस चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से कचहरी परिसर में गहमागहमी का माहौल था। मतदान के दिन भारी उत्साह देखने को मिला और रिकॉर्ड मतदान ने चुनाव को खास बना दिया।