आजमगढ़ में ATS का बड़ा एक्शन, AQIS से जुड़े होने के आरोप में युवक गिरफ्तार; WhatsApp ग्रुप में कौन-कौन था?

उत्तर प्रदेश एटीएस ने शनिवार को आजमगढ़ से AQIS से जुड़े होने के आरोप में मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया है। एटीएस के मुताबिक नबील सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए युवाओं को जोड़ रहा था और आतंकी विचारधारा का प्रचार कर रहा था। जांच में ‘ला गालिब-इल्लल्लाह’ और ‘फ्लेम्स ऑफ वॉर’ जैसे ग्रुप्स का जिक्र सामने आया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 12 September 2026, 8:18 PM IST
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Azamgarh: उत्तर प्रदेश एटीएस ने शनिवार को आजमगढ़ से आतंकी संगठन अल कायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े होने के आरोप में मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया है। एटीएस के मुताबिक, महमूरपुर के ग्राम चितारा निवासी नबील सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर दूसरे लोगों के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियों की साजिश रच रहा था। आरोप है कि वह अलकायदा आतंकी अनवर उल अवलाकी की विचारधारा से प्रभावित था और व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए युवाओं को अपने साथ जोड़कर उन्हें ‘मुजाहिद’ बनाने की योजना पर काम कर रहा था।

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने का आरोप

एटीएस को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर नबील की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि नबील पर AQIS की विचारधारा को प्रचारित और प्रसारित करने का आरोप है। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह सोशल मीडिया के एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स पर ग्रुप बनाकर युवाओं को जोड़ता था।

‘ला गालिब-इल्लल्लाह’ नाम से बनाया WhatsApp ग्रुप

एटीएस के मुताबिक नबील के मोबाइल फोन की जांच में अरबी भाषा में ‘ला गालिब-इल्लल्लाह’ नाम से एक व्हाट्सऐप ग्रुप मिलने की बात सामने आई। एजेंसी का आरोप है कि इस ग्रुप के जरिए प्रतिबंधित आतंकी संगठन AQIS की विचारधारा को प्रचारित किया जा रहा था। ग्रुप में शामिल सदस्यों को नबील कथित तौर पर ‘मुजाहिद’ कहकर संबोधित करता था।

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आतंकी साहित्य शेयर करने का भी आरोप

एटीएस के अनुसार नबील ने ग्रुप में अलकायदा से जुड़े आतंकी अनवर उल अवलाकी की किताब ‘जेहाद करने के 44 तरीके’ शेयर की थी। एजेंसी का दावा है कि उसने ग्रुप के सदस्यों से इस किताब को पढ़ने की अपील भी की। इसके अलावा AQIS के पूर्व प्रमुख और आतंकी मौलाना आसिम उमर की किताब ‘तीसरी जंग-ए-अज़ीम और दज्जाल’ भी ग्रुप में शेयर किए जाने की बात एटीएस ने कही है।

दूसरे WhatsApp ग्रुप भी जांच के घेरे में

एटीएस के मुताबिक नबील सिर्फ एक व्हाट्सऐप ग्रुप तक सीमित नहीं था। वह ‘फ्लेम्स ऑफ वॉर’ जैसे दूसरे व्हाट्सऐप ग्रुप्स में भी जुड़ा हुआ था। इन ग्रुप्स में बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब समेत दूसरे देशों के लोगों के जुड़े होने का दावा किया गया है। एजेंसी के अनुसार इन ग्रुप्स में भी प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा की विचारधारा से संबंधित सामग्री प्रसारित की जा रही थी।

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पाकिस्तान और दूसरे देशों में ट्रेनिंग की तैयारी का आरोप

एटीएस ने नबील पर पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश जाकर आतंकी गतिविधियों से जुड़ी ट्रेनिंग हासिल करने की तैयारी का भी आरोप लगाया है। एजेंसी के मुताबिक वह बम बनाने से संबंधित सामग्री और वीडियो में भी रुचि ले रहा था। जांच के दौरान उसके द्वारा बम बनाने की विधि से संबंधित वीडियो देखने और पोटैशियम नाइट्रेट हासिल करने को लेकर बातचीत किए जाने का भी दावा किया गया है।

‘गजवा-ए-हिंद’ की साजिश का भी दावा

एटीएस के मुताबिक नबील अपने साथियों के साथ भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर भी बातचीत करता था। एजेंसी का दावा है कि वह समय आने पर पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत में ‘गजवा-ए-हिंद’ की योजना पर चर्चा कर रहा था। फिलहाल एटीएस ने नबील को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

Location :  Azamgarh

Published :  12 September 2026, 8:18 PM IST

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