सुल्तानपुर में बिना अनुमति भुगतान पर बड़ा एक्शन! ग्राम पंचायत सचिवों से मांगा जवाब, CDO ने दिए सख्त निर्देश

सुलतानपुर में विकास कार्यों के भुगतान को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बिना जिलाधिकारी की अनुमति के भुगतान किए जाने के मामले में संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों से कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। CDO विनय कुमार सिंह ने सभी एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत सचिवों को शासनादेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 2 September 2026, 12:56 PM IST
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Sultanpur: सुल्तानपुर में सरकारी विकास कार्यों के भुगतान को लेकर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मामला सिर्फ कागजों पर फाइल आगे बढ़ाने का नहीं है, बल्कि बिना जिलाधिकारी की अनुमति के भुगतान किए जाने तक पहुंच गया है। जैसे ही प्रशासन के सामने यह मामला आया, पंचायत स्तर पर हलचल तेज हो गई। संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों से सीधे जवाब तलब कर लिया गया है। यानी अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि भुगतान हुआ कैसे, बल्कि यह भी देखा जा रहा है कि आखिर नियमों को दरकिनार करने की जरूरत क्यों पड़ी।

जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के निर्देश के बाद मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह ने जिले के सभी एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत सचिवों के साथ बैठक की। इस बैठक में विकास कार्यों की योजना से लेकर अनुमति और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए गए। प्रशासन ने साफ कर दिया कि जिस काम के लिए सक्षम स्तर की अनुमति जरूरी है, वहां बिना स्वीकृति के भुगतान की कार्रवाई किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए।

बिना अनुमति भुगतान पर प्रशासन का सख्त संदेश

जिला प्रशासन की बैठक में सबसे अहम मुद्दा विकास कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया का रहा। सीडीओ विनय कुमार सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी ग्राम पंचायत में अगर किसी विकास कार्य के लिए जिलाधिकारी या सक्षम स्तर की अनुमति आवश्यक है, तो पहले अनुमति ली जाए और उसके बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। प्रशासन का कहना है कि शासनादेशों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना सभी के लिए जरूरी है। अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी नियमों को नजरअंदाज करके भुगतान करता है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

एक सप्ताह में तैयार करनी होगी कार्ययोजना

बैठक के दौरान सीडीओ ने लंबित विकास कार्यों की कार्ययोजना को लेकर भी अधिकारियों को समयसीमा दे दी। सभी ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देश दिया गया कि लंबित कार्ययोजनाओं को तत्काल तैयार किया जाए और जहां सक्षम स्तर की अनुमति जरूरी है, वहां अनुमति से संबंधित फाइल भी तैयार कर प्रस्तुत की जाए।

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स्कूलों का कायाकल्प प्रशासन की प्राथमिकता

बैठक में ऑपरेशन कायाकल्प को लेकर भी खास जोर दिया गया। सीडीओ विनय कुमार सिंह ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना बनाते समय स्कूलों से जुड़े जरूरी विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाए। स्कूलों में बाउंड्रीवॉल समेत दूसरी जरूरी सुविधाओं और विकास कार्यों की जरूरत के हिसाब से योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

बाउंड्रीवॉल समेत जरूरी कामों पर नजर

ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय स्कूलों में होने वाले कार्यों को लेकर अधिकारियों को खास तौर पर निर्देशित किया गया है। विद्यालयों की वास्तविक जरूरतों का आकलन करके कार्ययोजना तैयार करनी होगी। सीडीओ ने अधिकारियों को कहा कि कार्यों को सिर्फ कार्ययोजना में शामिल करना पर्याप्त नहीं है। संबंधित अनुमति फाइल भी समय से तैयार होनी चाहिए, ताकि स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू कराने में किसी तरह की देरी न हो।

बिना स्वीकृति वित्तीय कार्रवाई पर रोक

जिला पंचायत राज अधिकारी अभिषेक शुक्ला के साथ बैठक में सीडीओ ने सभी एडीओ पंचायत और सचिवों को स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृति किसी भी तरह की वित्तीय कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। अगर किसी काम के लिए उच्च स्तर की अनुमति जरूरी है तो उसे पहले हासिल करना होगा। प्रशासन की तरफ से यह भी कहा गया कि कार्ययोजना और अनुमति की प्रक्रिया को साथ-साथ आगे बढ़ाया जाए।

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सचिवों के जवाब पर टिकी अगली कार्रवाई

बिना अनुमति किए गए भुगतानों को लेकर जिन ग्राम पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, अब उनके जवाब का इंतजार है। प्रशासन इन जवाबों के आधार पर यह देखेगा कि नियमों का उल्लंघन किन परिस्थितियों में हुआ और भुगतान की प्रक्रिया में किस स्तर पर चूक हुई। अगर जांच में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

पहले मंजूरी, फिर भुगतान

सुलतानपुर प्रशासन की इस कार्रवाई से एक बात साफ है कि विकास कार्यों के नाम पर वित्तीय प्रक्रिया में मनमानी अब आसानी से नहीं चलेगी। स्कूलों का कायाकल्प हो या पंचायत का कोई दूसरा विकास कार्य, अगर उसके लिए सक्षम स्तर की अनुमति जरूरी है तो पहले स्वीकृति लेनी होगी। एक सप्ताह में कार्ययोजना और अनुमति फाइल प्रस्तुत करने के निर्देश के बाद अब पंचायत सचिवों पर भी काम तेजी से पूरा करने का दबाव है।

Location :  Sultanpur

Published :  2 September 2026, 12:56 PM IST

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