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मैनपुरी जिले के करहल थाना क्षेत्र से जमीन हड़पने से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां फर्जी और कूट रचित दस्तावेजों के सहारे खुद को दत्तक पुत्र बताकर पैतृक जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगा है।
असली बेटी को मिली पैतृक संपत्ति
Mainpuri: मैनपुरी जिले के करहल थाना क्षेत्र से जमीन हड़पने से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां फर्जी और कूट रचित दस्तावेजों के सहारे खुद को दत्तक पुत्र बताकर पैतृक जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगा है। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब दिवंगत व्यक्ति की असली पुत्री को न्याय मिला है और अदालत के आदेश पर जमीन उसे वापस दिला दी गई है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
बताया जा रहा है कि यह मामला करहल थाना क्षेत्र के ग्राम ककबाई (अन्डनी) से जुड़ा है। आरोप है कि गांव निवासी भुबनेश दुबे पुत्र शिवकुमार दुबे ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर स्वयं को दिवंगत व्यक्ति का दत्तक पुत्र दर्शाया और जमीन पर कब्जा कर लिया। जब इस बारे में असली पुत्री को जानकारी हुई तो उसने करहल तहसील न्यायालय में वाद दायर किया। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के बाद फैसला पुत्री के पक्ष में आया, जिसके बाद उसे उसकी पैतृक जमीन वापस मिल गई।
पीड़िता रत्ना त्रिपाठी पत्नी प्रदीप त्रिपाठी, निवासी सर्वोदय नगर थाना काकादेव जनपद कानपुर का आरोप है कि अदालत से जमीन वापस मिलने के बाद आरोपी लगातार उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहा था। धमकियों से भयभीत होकर पीड़िता मैनपुरी पहुंची और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी भुबनेश दुबे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 340(2) और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी और धमकी का है, जिसकी निष्पक्ष जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि होने पर आगे सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना सामने आने के बाद इलाके में जमीन से जुड़े फर्जी दस्तावेजों और कब्जे के मामलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोग प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी भी व्यक्ति को इस तरह की धोखाधड़ी का सामना न करना पड़े।