गांवों की सफाई या ब्लॉक की बाबूगिरी? महराजगंज में सफाईकर्मियों को लेकर उठे बड़े सवाल

महराजगंज के पनियरा विकास खंड में सफाईकर्मियों के गांवों में सफाई करने के बजाय ब्लॉक कार्यालय में कार्य करने के आरोप लगे हैं। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, संबंधित ग्राम पंचायतों से वेतन जारी होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं। मामले ने पंचायत राज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Maharajganj: जनपद के पनियरा विकास खंड में पंचायत राज विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में है। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, गांवों की सफाई व्यवस्था संभालने के लिए नियुक्त किए गए कई सफाईकर्मियों पर आरोप है कि वे अपने तैनाती वाले ग्राम पंचायतों में कार्य करने के बजाय वर्षों से ब्लॉक कार्यालय में बाबू जैसी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था की अनदेखी का गंभीर मामला माना जाएगा।

ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ सफाईकर्मी लंबे समय से बीडीओ और एडीओ पंचायत कार्यालय में निजी कर्मचारियों की तरह कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद उनका वेतन नियमित रूप से उन्हीं ग्राम पंचायतों से जारी किया जा रहा है, जहां उनकी तैनाती दर्ज है। ग्रामीणों का कहना है कि वे सफाईकर्मी अपने मूल कार्यस्थल पर शायद ही कभी दिखाई देते हैं।

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इन ग्राम पंचायतों के नाम आए सामने

आरोपों के अनुसार रामानंद ग्राम पंचायत हंसखोरी, रमेश ग्राम पंचायत बेनीगंज, महेंद्र ग्राम पंचायत देवीपुर तथा दीनानाथ ग्राम पंचायत मौलागंज में सफाईकर्मी के पद पर तैनात हैं। दावा किया जा रहा है कि इन सभी का वेतन संबंधित ग्राम पंचायतों से जारी होता है, जबकि वे ब्लॉक कार्यालय में कार्य करते हैं।

गांवों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का दावा

ग्रामीणों का कहना है कि सफाईकर्मियों की अनुपस्थिति के कारण कई गांवों में नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही है। कूड़ा उठान की व्यवस्था भी प्रभावित है और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी का अंबार लगा रहता है। लोगों का आरोप है कि सरकारी रिकॉर्ड में सफाई कार्य नियमित दर्शाया जाता है, जबकि जमीनी स्थिति इससे बिल्कुल अलग है।

अधिकारियों की निगरानी पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने पंचायत राज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि सफाईकर्मी वास्तव में ब्लॉक कार्यालय में कार्यरत हैं, तो उन्हें वहां किस प्रशासनिक आदेश के तहत लगाया गया है और उनके स्थान पर गांवों में सफाई व्यवस्था कैसे संचालित हो रही है, यह जांच का विषय बन गया है।

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जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच और गांवों में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

Location :  Maharajganj

Published :  4 July 2026, 3:51 PM IST

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