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सोनौली नगर पंचायत में दिवंगत अभिषेक मद्धेशिया की आत्मा की शांति के लिए कैण्डल मार्च निकाला गया। सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और न्याय की मांग उठाई। सरकार से पीड़ित परिवार को मुआवजा, कानूनी कार्रवाई और सरकारी नौकरी देने की अपील की गई। नागरिकों ने अन्याय के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया।
दिवंगत अभिषेक मद्धेशिया को श्रद्धांजलि
Sonauli: आज नगर पंचायत सोनौली में दिवंगत अभिषेक मद्धेशिया की याद में एक विशेष कैण्डल मार्च आयोजित किया गया। सैकड़ों नागरिकों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर उनके सम्मान में मार्च किया। लोग न केवल श्रद्धांजलि देने के लिए उपस्थित हुए, बल्कि उन्होंने न्याय की मांग को भी जोरदार रूप से उठाया। मार्च का उद्देश्य यह दिखाना था।
मार्च के दौरान नागरिकों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपने दुख और आक्रोश को व्यक्त किया। हर मोमबत्ती में अभिषेक की याद और उनके परिवार के प्रति समर्थन झलक रहा था। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने यह संदेश दिया कि न्याय की लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक सही कार्रवाई नहीं होती।
इस कैण्डल मार्च के माध्यम से जनता ने कई मांगें सरकार और प्रशासन के सामने रखीं। प्रमुख मांगों में शामिल हैं: पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाना, दोषी डॉक्टर और आनंदलोक हॉस्पिटल के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करना, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा प्रदान करना और परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देना।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए यह सुनिश्चित किया कि उनकी आवाज़ राज्य सरकार तक पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई लगातार जारी रहेगी और अन्याय के खिलाफ उनका संघर्ष रोके नहीं जाएगा।
कैण्डल मार्च में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष अजय कुमार और बबलू सिंह के साथ वरिष्ठ व्यापारी और प्रतिनिधिमंडल के सदस्य श्रीनिवास जायसवाल, मुकेश जायसवाल, रवि मद्धेशिया, सिंगर राजकुमार वर्मा, साबिर अली, उत्तम मद्धेशिया, गंगा प्रजापति, कृपा शंकर मद्धेशिया, सरदार बिक्की सिंह, सभासद राजकुमार नायक, सागर जायसवाल, मनीष गुप्ता, सोनू साहू, शिवम जायसवाल, जुगल किशोर कन्नौजिया, इंद्रजीत यादव और विनय वर्मा भी मौजूद थे।
इन व्यापार और सामाजिक नेताओं की भागीदारी ने मार्च की गंभीरता और प्रभाव को और अधिक बढ़ा दिया। उनका समर्थन यह दिखाता है कि समाज के हर वर्ग को न्याय की लड़ाई में एकजुट रहना जरूरी है। उपस्थित लोगों ने न केवल श्रद्धांजलि अर्पित की, बल्कि यह सुनिश्चित किया कि समाज में अन्याय और अनियमितताओं के खिलाफ चेतना बनी रहे।
कैण्डल मार्च ने यह स्पष्ट कर दिया कि सोनौली के नागरिक अन्याय के खिलाफ चुप नहीं रहेंगे। उन्होंने अपने आप को न्याय की लड़ाई का हिस्सा मानते हुए यह प्रतिज्ञा की कि जब तक उचित कार्रवाई नहीं होती, वे आवाज उठाते रहेंगे। इस आयोजन के दौरान विभिन्न स्लोगन और बैनर भी लगाए गए, जिनमें न्याय, पारदर्शिता और परिवार के लिए मुआवजा जैसी मांगें प्रमुख रहीं।