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महराजगंज में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान और ओडीओपी योजनाओं की समीक्षा करते हुए बैंकों को कड़ा संदेश दिया। बिना ठोस कारण आवेदन निरस्त करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक
Maharajganj: जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान और एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP) योजना की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं की प्रगति, बैंक ऋण वितरण की स्थिति तथा लंबित आवेदनों की गंभीर समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आर-सेटी, आईटीआई और पॉलिटेक्निक जैसे प्रशिक्षण संस्थानों में विशेष कैंप आयोजित कर इच्छुक युवाओं से आवेदन कराया जाए।
डीएम ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सीएम युवा योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों में प्राथमिकता के आधार पर ऋण वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने उपायुक्त उद्योग को 15 दिन से अधिक लंबित आवेदनों की बैंकवार सूची तैयार करने और प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने बैंकों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि बिना पुख्ता कारण किसी भी आवेदन को निरस्त न किया जाए। सभी बैंकों को निरस्त आवेदनों की सूची कारण सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि लंबित सभी आवेदनों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी ने बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान का लक्ष्य 1700 आवेदन का रखा गया है। अब तक 1397 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 1321 मामलों में ऋण वितरण हो चुका है। वहीं 687 आवेदन स्वीकृति हेतु और 144 आवेदन वितरण हेतु लंबित हैं। डीएम ने इस पर संतोष व्यक्त करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया।
बैठक में रामपुर बल्डीहा और घुघली में निर्माणाधीन कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि परियोजना पर कार्य प्रगति पर है और अब तक 10 मशीनों का इंस्टॉलेशन किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने CFC परियोजना को जनपद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इसके सफल क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना स्थानीय युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार और प्रशिक्षण का प्रमुख स्रोत बनेगी।
बैठक में जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी आलोक कुमार और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और बैंकों के प्रतिनिधियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मिलकर काम करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि योजना के अंतर्गत युवाओं को ऋण देने की प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी या लापरवाही युवाओं के विश्वास को कमजोर कर सकती है, इसलिए प्रत्येक आवेदन का उचित समय में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।