Maharajganj: 33 लाख पौधे लगाने के बाद खुली बड़ी कमी, CDO महेंद्र कुमार सिंह नाराज; विभागों को अल्टीमेटम

महराजगंज में पौधरोपण के बाद उनकी निगरानी और जियो टैगिंग में विभागों की लापरवाही पर सीडीओ महेंद्र कुमार सिंह ने नाराजगी जताई। अधिकारियों को पौधों की नियमित निगरानी और संरक्षण व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 28 October 2026, 8:38 PM IST
google-preferred

Maharajganj: जिले में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण अभियान को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इस वर्ष करीब 33 लाख पौधे रोपे जाने के बावजूद कई विभागों में जियो टैगिंग की प्रगति 50 प्रतिशत से कम मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभागों को जल्द से जल्द शत-प्रतिशत जियो टैगिंग पूरी करने का निर्देश दिया।

सीडीओ की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण एवं गंगा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें वृक्षारोपण, पौधों की जीवितिता, आर्द्र भूमि संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक पर नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।

जियो टैगिंग में पिछड़े विभागों पर सीडीओ सख्त

बैठक में पुलिस, राजस्व, सिंचाई, नगर विकास, पंचायतीराज, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों में पौधों की जियो टैगिंग की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान 50 प्रतिशत से कम जियो टैगिंग पाए जाने पर सीडीओ ने असंतोष जताया। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि रोपित पौधों की शत-प्रतिशत जियो टैगिंग जल्द पूरी कराई जाए, ताकि पौधरोपण की प्रगति और स्थिति का सही आकलन किया जा सके।

सीडीओ ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित कर जीवित रखना भी है। इसके लिए संबंधित विभाग नियमित निगरानी, सिंचाई और पौधों की सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।

ये भी पढ़ें- नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये लेने के आरोप में पूछताछ के दौरान युवक की तबीयत बिगड़ी, मेडिकल कॉलेज रेफर…

33 लाख पौधों को बचाने की चुनौती

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जनपद में लगभग 33 लाख पौधे रोपित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि रोपित पौधों को बचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों से बड़े वृक्षारोपण स्थलों की यथासंभव बाड़बंदी कराने का अनुरोध किया गया, ताकि पौधों को नुकसान से बचाया जा सके और उनकी जीवितिता सुनिश्चित हो सके।

सीडीओ ने नदियों और नदी घाटों के संरक्षण को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से नदी घाटों पर गंगा आरती के आयोजन के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी और संबंधित अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

उन्होंने नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए ठोस प्लास्टिक और मेडिकल अपशिष्ट के उचित प्रबंधन पर जोर दिया। संबंधित नगर निकायों को निर्देश दिया गया कि कचरे का निस्तारण निर्धारित नियमों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए, ताकि जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।

ये भी पढ़ें- बलिया में बारात से लौट रही महिला के साथ मारपीट और लूट का आरोप, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज; पुलिस जांच में जुटी

सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने के निर्देश

सीडीओ ने सभी नगरीय निकायों में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने के लिए व्यापक अभियान चलाने को कहा। उन्होंने विभागीय कार्यालयों में भी सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग पूरी तरह बंद करने और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित करने को कहा गया। सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर लगेंगे जागरूकता संदेश

बैठक में बंदरों और अन्य जानवरों के आक्रामक व्यवहार से बचाव के उपायों पर भी चर्चा हुई। सीडीओ ने संबंधित विभागों को मंदिरों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर क्या करें और क्या न करें से संबंधित सूचना पट्ट लगवाने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक किया जा सके।

बैठक में परियोजना निदेशक राम दरश चौधरी, उपायुक्त श्रम रोजगार गौरवेंद्र सिंह, एआर कोऑपरेटिव सुनील गुप्ता, एसीएमओ डॉ. राजेश द्विवेदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Location :  Maharajganj

Published :  28 October 2026, 8:38 PM IST

Advertisement