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New Delhi: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के नतीजों ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबले ने आगामी चुनावों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सपा की बड़ी जीत को राजनीतिक नजरिए से अहम माना जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह नतीजा प्रदेश की सियासत में किसी बदलाव का संकेत है।
गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर भाजपा की कम वोटों के अंतर से जीत ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया। इन नतीजों के बाद भाजपा और सपा दोनों के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक विश्लेषण तेज हो गया है। दो दिन तक चली मतगणना के दौरान सपा ने प्रशासन पर दबाव बनाने और मनमानी करने के आरोप लगाए। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया और नतीजों को लेकर भी सवाल उठे। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विधान परिषद चुनाव के नतीजे 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने में भूमिका निभाएंगे?
इन सवालों पर अपने संवाददाताओं और राजनीतिक विश्लेषक के साथ चर्चा की गई। जिसमें स्टूडियो पैनल में एग्जीक्यूटिव एडिटर सुभाष रतूड़ी, राजनीतिक विश्लेषक कोमल चौहान, लखनऊ से रोहित पांडे, प्रयागराज से आनंद ओझा औरआगरा से बृज किशोर शर्मा जुड़े।
Location : New Delhi
Published : 28 October 2026, 8:03 PM IST