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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Img: Dynamite News)
Lucknow News: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदर्शन ने पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा दिया है। दिए गए चुनावी रुझानों के मुताबिक, सपा ने वाराणसी शिक्षक और आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की है, जबकि इलाहाबाद-झांसी स्नातक, वाराणसी स्नातक और लखनऊ स्नातक सीटों पर उसके उम्मीदवार आगे बताए गए हैं। पार्टी इस प्रदर्शन को अखिलेश यादव की चुनावी रणनीति से जोड़कर देख रही है। हालांकि, आगे चल रहे उम्मीदवारों की जीत की पुष्टि अंतिम नतीजे आने के बाद ही होगी।
विधान परिषद चुनाव में सपा के वाराणसी शिक्षक क्षेत्र से लाल बिहारी यादव और आगरा शिक्षक क्षेत्र से डॉ. आकाश अग्रवाल के जीतने की जानकारी दी गई है। वहीं, इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से डॉ. मान सिंह यादव, वाराणसी स्नातक सीट से आशुतोष सिन्हा और लखनऊ स्नातक सीट से कांति सिंह आगे बताए गए हैं। इन रुझानों से सपा को परिषद में अपनी स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। पार्टी के लिए शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में प्रदर्शन अहम है, क्योंकि इन सीटों पर मतदाताओं का दायरा सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग होता है।
सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चुनाव के दौरान मतगणना पर नजर बनाए हुए थे। पार्टी के समर्थक इस प्रदर्शन को उनकी रणनीति और संगठनात्मक सक्रियता से जोड़ रहे हैं। वर्ष 2020 के विधान परिषद चुनाव में इन 11 सीटों में से सपा को तीन सीटें मिली थीं। इस बार पार्टी अपनी पुरानी सीटें बचाने के साथ अतिरिक्त सीटें हासिल करने की उम्मीद कर रही है। हालांकि, अंतिम तस्वीर घोषित परिणामों के बाद ही साफ होगी।
चुनाव के दौरान आगरा में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल के साथ कथित मारपीट का वीडियो भी चर्चा में आया। अखिलेश यादव ने मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात करीब दो बजे इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की। इस घटना के बाद चुनावी प्रक्रिया और प्रत्याशियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे। वीडियो में दिखाई गई घटना और उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना उन्हें अंतिम तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने एमएलसी चुनाव में डॉ. संजयन त्रिपाठी को लेकर भी भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। एक्स पर पोस्ट के जरिए उन्होंने मतगणना में गड़बड़ी और साजिश के माध्यम से सपा प्रत्याशी को हराने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने दावा किया कि डॉ. त्रिपाठी को हराने की कथित साजिश सामने आ गई है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी वोट से नहीं, बल्कि खोट से जीतती है। अपनी टिप्पणी में उन्होंने ‘हाता नहीं भाता’ का भी जिक्र किया। हालांकि, मतगणना में गड़बड़ी या किसी साजिश से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं होती है। इन दावों पर अंतिम निष्कर्ष के लिए संबंधित साक्ष्यों और चुनाव आयोग की कार्रवाई को देखना जरूरी होगा।
विधान परिषद चुनाव के रुझानों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा के प्रदर्शन को लेकर चर्चा तेज कर दी है। दो सीटों पर जीत और तीन पर बढ़त के दावों से पार्टी को उम्मीद जरूर मिली है, लेकिन अंतिम परिणाम ही उसकी वास्तविक चुनावी स्थिति तय करेंगे। सपा के लिए यह चुनाव संगठन की मजबूती और भविष्य की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। वहीं, मतगणना से जुड़े आरोपों पर भी नजर रहेगी कि संबंधित अधिकारी और चुनाव आयोग क्या कदम उठाते हैं।
Location : Lucknow
Published : 28 October 2026, 4:29 PM IST