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आकाश आनंद की चुनावी हुंकार(img: Dynamite news)
Bulandshahr: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने बुधवार को बुलंदशहर के अनूपशहर विधानसभा क्षेत्र के खालौर स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बेरोजगारी, महंगाई, सरकारी नौकरियों, आरक्षण और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे उठाए। जनसभा में उन्होंने अनूपशहर और शिकारपुर विधानसभा सीटों के लिए बसपा प्रत्याशियों के नामों का भी ऐलान किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए आकाश आनंद ने बसपा प्रमुख मायावती के साथ अपनी बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी और बहुजन समाज की बड़ी जिम्मेदारी सौंपने से पहले उनकी परीक्षा ली गई। आकाश आनंद के मुताबिक, मायावती ने उनसे सवाल किया था कि इतने बड़े समाज और आंदोलन की जिम्मेदारी बिना परीक्षा के कैसे सौंपी जा सकती है।
उन्होंने मंच से कहा कि वह बहुजन समाज को अपना परिवार मानते हैं और समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम करते रहेंगे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने की अपील की।
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आकाश आनंद ने भाजपा सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि विज्ञापनों और प्रचार के जरिए उपलब्धियां बताई जा रही हैं, लेकिन युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं हुए हैं।
उन्होंने सरकारी विभागों में खाली पदों का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि रिक्तियों के कारण युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। महंगाई और विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता पर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की। एक्सप्रेसवे के निर्माण और उनकी स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
ये आरोप आकाश आनंद ने अपने राजनीतिक संबोधन के दौरान लगाए। सरकार के कामकाज को लेकर उनके बयानों को उनके राजनीतिक आरोपों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

बसपा नेता ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने मायावती सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदेश की अलग पहचान थी।
आकाश आनंद ने एनकाउंटर से जुड़े सरकारी दावों और अपराध के आंकड़ों का जिक्र करते हुए सवाल उठाए। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए अपराध की स्थिति पर चर्चा की। हालांकि, उनके भाषण में उठाए गए आंकड़ों और दावों का स्वतंत्र सत्यापन अलग से किया जाना जरूरी है।
अपने संबोधन में आकाश आनंद ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने पेपर लीक, आरक्षण और दलित-पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों पर दोनों दलों की भूमिका पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता आंदोलनों का श्रेय लेने की कोशिश करते हैं। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव की राजनीति की आलोचना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान दलितों और पिछड़े वर्गों के हितों की अनदेखी की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि सपा सरकार के दौरान बसपा शासनकाल में महापुरुषों के सम्मान में बनाए गए कुछ जिलों के नाम बदल दिए गए थे। ये सभी बातें आकाश आनंद ने अपने भाषण में विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहीं।
आकाश आनंद ने बसपा सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि मायावती के शासन में विभिन्न वर्गों के लोगों को रोजगार देने के लिए काम किया गया था। उन्होंने करीब 30 लाख लोगों को नौकरी देने का दावा भी किया।
उन्होंने समर्थकों से आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा का समर्थन करने की अपील की और बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने को पार्टी का प्रमुख लक्ष्य बताया।
जनसभा के दौरान आकाश आनंद ने बुलंदशहर जिले की दो विधानसभा सीटों के लिए बसपा प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की।
इन घोषणाओं के साथ बसपा ने जिले में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का संकेत दिया। जनसभा में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी के बीच आकाश आनंद ने संगठन को मजबूत करने तथा बहुजन समाज को एकजुट करने पर जोर दिया।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बुलंदशहर की यह जनसभा बसपा की चुनावी गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण रही।
Location : Bulandshahr
Published : 28 October 2026, 7:26 PM IST