Jhansi News: खादी सिर्फ कपड़ा नहीं, एक विचार है! झांसी में 90 स्टॉल के साथ प्रदर्शनी का आगाज

झांसी में 10 दिवसीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी शुरू। 90 स्टॉल पर स्वदेशी उत्पाद प्रदर्शित, तीन कारीगरों को 15 हजार रुपये तक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 28 October 2026, 6:55 PM IST
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Jhansi: उत्तरप्रदेश के झांसी में 10 दिवसीय मंडल स्तरीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी शुरू हो गई है। प्रदर्शनी में खादी के कपड़ों, माटीकला और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों के कुल 90 स्टॉल लगाए गए हैं। उद्घाटन समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कारीगरों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के जरिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और स्वदेशी को अपनाने का संदेश दिया गया।

एमएलसी और महापौर ने किया प्रदर्शनी का उद्घाटन

परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग कार्यालय, झांसी मंडल की ओर से आयोजित प्रदर्शनी का शुभारंभ शिक्षक एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी और महापौर बिहारी लाल आर्य ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इसके बाद अतिथियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की।

समारोह में आर्य कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर माहौल को खास बना दिया। खुशी, गौरी और मिनी ने मां सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। वहीं निधि, आरजू, महक, लक्ष्मी, जागृति, गौरी, मिनी और खुशी ने स्वागत वंदना के जरिए अतिथियों का स्वागत किया।

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'खादी सिर्फ कपड़ा नहीं, एक विचार है'

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षक एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी ने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि एक विचार है। उन्होंने लोगों से स्वदेशी आंदोलन से जुड़ने और स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के महत्व पर भी जोर दिया।

उद्घाटन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष पवन कुमार गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप पटेल, एमएलसी रमा निरंजन, वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार रिपुसूदन नामदेव और संध्या गुप्ता समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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तीन कारीगरों को मिला पुरस्कार

मंडल स्तरीय ग्रामोद्योग पुरस्कार योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन कारीगरों को नकद पुरस्कार के चेक देकर सम्मानित किया गया। रानीपुर के हरगोविंद को प्रथम पुरस्कार के रूप में 15 हजार रुपये, ललितपुर की श्रीमती कल्पना सेन को द्वितीय पुरस्कार के तहत 12 हजार रुपये और ललितपुर के इकबाल खां को तृतीय पुरस्कार के रूप में 10 हजार रुपये दिए गए।

इस सम्मान का उद्देश्य ग्रामोद्योग से जुड़े कारीगरों के काम को प्रोत्साहित करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार व स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।

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90 स्टॉल पर खादी और ग्रामोद्योग के उत्पाद

प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। यहां खादी वस्त्रों, माटीकला और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। अतिथियों ने उत्पादों की सराहना की और खरीदारी कर कारीगरों का उत्साह बढ़ाया।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाली आठ छात्राओं को मिठाई और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंत में परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी रामकिशोर गुप्ता ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी और सभी अतिथियों व आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

10 दिनों तक चलने वाली यह प्रदर्शनी स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने और स्वदेशी वस्तुओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

Location :  Jhansi

Published :  28 October 2026, 6:55 PM IST

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