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अलीगंज अग्निकांड में बड़ा खुलासा (Img: X)
Lucknow: लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे जिम्मेदार अधिकारियों की संख्या बढ़ती जा रही है। मामले में एलडीए के एक पूर्व उपाध्यक्ष को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। जांच दल ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी है।
जांच में सामने आया है कि अलीगंज क्षेत्र में तैनात रहे कई अधिकारियों और इंजीनियरों की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। एलडीए के छह वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों को भी जिम्मेदार माना गया है। इनमें अरविंद त्रिपाठी, वीवी मिश्रा, अरुण सिंह, संजय पांडेय, शिरीष वर्मा और डीके सिंह शामिल हैं।
अलीगंज अग्निकांड मामले में अब 100 से अधिक अधिकारियों और इंजीनियरों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। वर्ष 2016 से 2026 तक अलीगंज क्षेत्र में तैनात रहे अधिकारियों की भूमिका खंगाली जा रही है। इनमें संपत्ति, नक्शा पास करने, प्रवर्तन और विहित प्राधिकारी से जुड़े अधिकारी शामिल हैं।
एसआईटी ने मामले में एलडीए अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार और एक अपर सचिव से भी अवैध निर्माण से जुड़ी लापरवाही को लेकर जानकारी ली गई। जांच एजेंसी ने पूछा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
जांच के दौरान एलडीए ने संपत्ति आवंटन, नक्शा और अवैध निर्माण से जुड़े दस्तावेज एसआईटी को सौंपे हैं। अब उन सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है, जो इन प्रक्रियाओं से जुड़े रहे। रिपोर्ट तैयार होने के बाद आगे प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, कार्रवाई की संभावनाओं के बीच कई अधिकारियों और इंजीनियरों में नाराजगी भी सामने आ रही है। उनका कहना है कि केवल तैनाती के आधार पर सभी को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। उनका तर्क है कि असली दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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अलीगंज अग्निकांड मामले में शासन और जांच एजेंसियां अब अंतिम रिपोर्ट की दिशा में बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में कई अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है। इस पूरे मामले में अवैध निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही मुख्य मुद्दा बने हुए हैं।
Location : Lucknow
Published : 27 June 2026, 10:10 AM IST