साधु के चोले में 40 साल का फरेब, ‘पागल बाबा’ बनकर बरेली के आश्रम में छिपा बैठा था 1986 की चोरी का वारंटी

कानपुर पुलिस ने 40 साल पुराने चोरी के मामले में फरार चल रहे एक वारंटी रामप्रकाश को बरेली से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोशल मीडिया और तकनीकी मदद से उसकी सुरागकसी कर इस अनोखे मामले का खुलासा किया।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 5 October 2026, 5:31 PM IST
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Kanpur: अपराधियों के अपनी पहचान बदलकर कानून से बचने की कई कहानियां हैं, लेकिन कानपुर में 1986 के चोरी के मामले में फरार आरोपी को पकड़ने की कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी है। आरोप है कि जमानत पर रिहा होने के बाद, रामप्रकाश लगभग 40 साल तक पुलिस और कोर्ट की नज़र से बचता रहा। इस दौरान उसने एक नई पहचान अपनाई और बरेली के एक आश्रम में साधु बनकर रहने लगा जहां उसे 'पागल बाबा' के नाम से जाना जाता था।

चोरी के आरोप में गिरफ्तारी, जमानत के बाद फरार

यह मामला कानपुर के फजलगंज पुलिस स्टेशन इलाके का है। पुलिस के अनुसार, रामप्रकाश को 1986 में चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई, लेकिन उसके बाद वह कोर्ट में पेश नहीं हुआ। कोर्ट ने उसकी पेशी के लिए कई समन जारी किए और आखिरकार उसके खिलाफ वारंट जारी किया। इसके बावजूद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। समय बीतने के साथ यह मामला लगभग चार दशक पुराना हो गया।

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सोशल मीडिया से 'पागल बाबा' का सुराग मिला

जब पुराने मामले में आरोपी की तलाश तेज हुई तो कानपुर पुलिस ने उसके मूल पते से सुराग जुटाना शुरू किया। पुलिस रिकॉर्ड से पता चला कि रामप्रकाश कन्नौज का रहने वाला था। जांच के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसके नाम और पहचान से जुड़े अकाउंट्स की तलाश शुरू की। उन्हें बरेली में 'रामप्रकाश' नाम का एक अकाउंट मिला। संबंध होने के शक में पुलिस की एक टीम बरेली गई।

पुलिस आश्रम पहुंची; 40 साल पुराना राज खुला

बरेली में और जांच करने पर पुलिस को पता चला कि सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़ा व्यक्ति एक साधु था जिसे स्थानीय लोग 'पागल बाबा' के नाम से जानते थे और वह एक आश्रम भी चलाता था। पुलिस की एक टीम आश्रम पहुंची और वहां मौजूद लोगों से 'पागल बाबा' के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और मिली जानकारी के आधार पर 'पागल बाबा' की पहचान रामप्रकाश के तौर पर हुई, जो 1986 के चोरी के एक मामले में वॉन्टेड था और फरार चल रहा था।

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इसके बाद कानपुर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि लंबे समय से कानून से बच रहे इस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। लगभग 40 साल पुराने इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस आरोपी की तलाश कानपुर पुलिस कर रही थी, वह इतने लंबे समय तक साधु बनकर कैसे रह पाया और उसकी असली पहचान का पता पहले क्यों नहीं चल सका? पुलिस अभी पुराने रिकॉर्ड और आरोपी की पहचान से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है।

Location :  Kanpur

Published :  5 October 2026, 5:31 PM IST

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