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शिक्षा के मंदिर में मासूमों से हैवानियत (Img- PInterest)
Kanpur: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद शर्मनाक और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक प्री-स्कूल के प्रधानाचार्य ने शिक्षा के मंदिर को कलंकित कर दिया। पनकी थाना क्षेत्र में कोचिंग पढ़ाने के बहाने 48 वर्षीय प्रधानाचार्य ने एक साथ तीन मासूम बच्चियों को अपनी हवस और अश्लीलता का शिकार बनाया।
बच्चियों की सतर्कता और अभिभावकों के साहस के कारण आरोपी का घिनौना चेहरा बेनकाब हो सका। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
यह खौफनाक मामला तब उजागर हुआ जब पनकी के एक मोहल्ले में रहने वाली कक्षा चार की आठ वर्षीय छात्रा ने शनिवार को अचानक कोचिंग जाने से मना कर दिया। जब माता-पिता ने बच्ची को डांटा, तो वह फूट-फूटकर रोने लगी। बच्ची ने रोते हुए अपनी मां को बताया कि शिवनगर गंगागंज कालोनी स्थित आरएस किड्स प्री स्कूल का संचालक और प्रिंसिपल ब्रजेश पाल उसके साथ बेहद गंदी और अश्लील हरकतें करता है। बच्ची ने यह भी खुलासा किया कि वह अकेले नहीं, बल्कि उसकी दो और सहेलियों के साथ भी यही घिनौना कृत्य करता है।
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मासूम की बात सुनकर पैरों तले जमीन खिसक जाने के बाद, उसके पिता तुरंत अन्य दोनों बच्चियों के घर पहुंचे। जब उन बच्चियों से भी पूछताछ की गई, तो उन्होंने भी रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद तीनों बच्चियों के आक्रोशित अभिभावक शिकायत लेकर प्री-स्कूल पहुंचे। वहां खुद को घिरता देख आरोपी ब्रजेश पाल ने अपनी गलती मानने के बजाय अभिभावकों को जान से मारने की धमकी दी और रसूख के बल पर उन्हें वहां से भगा दिया।
शनिवार देर शाम जब पीड़ित परिवारों ने थाने में तहरीर दी, तो शातिर आरोपी ब्रजेश कुछ प्रभावशाली लोगों को लेकर सीधे पुलिस चौकी पहुंच गया। वहां उसने पीड़ित परिवारों पर रसूख का इस्तेमाल कर समझौते का भारी दबाव बनाया। हालांकि, मौके पर जुटी भारी भीड़ और अभिभावकों के उग्र गुस्से को देखते हुए पुलिस ने कोई कोताही नहीं बरती और आरोपी को तत्काल हिरासत में ले लिया। सोमवार को पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
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सोमवार को जैसे ही इस घिनौनी करतूत की खबर इलाके में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब 20-25 लोगों की भीड़ स्कूल पर तोड़फोड़ करने पहुंच गई, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के कारण स्थिति को संभाल लिया गया।
इस घटना ने स्थानीय लोगों को 16 साल पहले कल्याणपुर में हुए बदनाम 'दिव्या कांड' की याद दिला दी, जहां 2010 में भारतीय ज्ञान स्थली स्कूल के संचालक की दरिंदगी के कारण कक्षा पांच की छात्रा दिव्या की जान चली गई थी। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम न उठाया जाता, तो यहां भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि आरोपी को पकड़ लिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है।
Location : Kanpur
Published : 7 July 2026, 10:54 AM IST
Topics : Kanpur Crime Kanpur News POCSO Act up crime UP News