हिंदी
कोड वर्ड से बिक रहे ड्रग्स (Img: AI)
Jhansi: झांसी में अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार अब कोड वर्ड्स के जरिए संचालित किया जा रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में ग्राहक खुलेआम "हरा धनिया" बोलकर गांजा और "बादाम पाउडर" या "टिकट" कहकर स्मैक (हेरोइन) खरीद रहे हैं। एक पड़ताल में सामने आया कि तस्कर पुलिस की नजर से बचने के लिए सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और तय स्थानों पर कुछ ही सेकंड में नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे हैं।
दरअसल, झांसी बस स्टैंड, मेडिकल कॉलेज, शिवाजी नगर, नागरा हाट मैदान, ओरछा गेट, सिपरी बाजार, प्रेम नगर और सदर बाजार जैसे क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही इन इलाकों में संदिग्ध गतिविधियां बढ़ जाती हैं।
जांच-पड़ताल के दौरान बस स्टैंड क्षेत्र में "हरा धनिया" मांगने पर गांजे का पैकेट करीब 100 रुपये में बेचे जाने का दावा किया गया। वहीं शिवाजी नगर में "बादाम पाउडर" या "टिकट" बोलने पर करीब 300 रुपये में स्मैक उपलब्ध कराई जा रही थी। इसके अलावा कुछ स्थानों पर गांजा मिली सिगरेट, जिसे "टुकड़ा" कहा जाता है, करीब 70 रुपये में बेची जा रही थी।
स्थानीय लोगों ने लोगों ने बताया कि नशा तस्कर खासतौर पर युवाओं को अपना ग्राहक बना रहे हैं। स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों के आसपास उनकी गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
पुलिस रिकॉर्ड का कहना है कि जिले में गांजा तस्करी से जुड़े 49 लोगों की पहचान की जा चुकी है। पिछले छह महीनों में 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि गांजे की खेप मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ और ओडिशा से लाई जाती है। बढ़ते नेटवर्क को देखते हुए झांसी में एंटी-नारकोटिक्स (Anti Narcotics) यूनिट का गठन किया गया है। पिछले दो सालों में 20 क्विंटल से अधिक गांजा जब्त किया जा चुका है।
पुलिस का कहना है कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी ड्रग्स की बिक्री की सूचना मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Location : Jhansi
Published : 12 July 2026, 6:11 PM IST