Cyber Alert: एक क्लिक से खाली हो सकता है खाता! झांसी में पुलिस ने बताया साइबर ठगी से बचने का तरीका

झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताए गए। पुलिस टीम ने ओटीपी साझा करने, संदिग्ध लिंक खोलने, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी नौकरी के ऑफर से सतर्क रहने की सलाह दी। साइबर ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 और आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत करने की जानकारी भी दी गई।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 25 October 2026, 9:27 PM IST
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Jhansi: मोबाइल पर आया अनजान लिंक, नौकरी का फर्जी ऑफर या डिजिटल अरेस्ट की धमकी आपकी मेहनत की कमाई छीन सकती है। साइबर ठग लोगों को डराकर, लालच देकर और जल्दबाजी में फैसले करवाकर बैंक खातों तक पहुंच बना रहे हैं। ऐसे अपराधों से बचाने के लिए झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा के जरूरी तरीके बताए गए।

ओटीपी और संदिग्ध लिंक से रहें सावधान

डिजिटल दौर में पढ़ाई, बैंकिंग, ऑनलाइन खरीदारी और नौकरी की तलाश जैसे काम मोबाइल फोन से आसान हो गए हैं। लेकिन तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध के खतरे भी बढ़ रहे हैं। इसी को लेकर 24 अक्टूबर को झांसी स्थित बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के फॉरेंसिक विभाग में साइबर अपराध जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में साइबर पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन सुरक्षित रहने के तरीके समझाए।

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कार्यक्रम के दौरान साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक मोहम्मद आरिफ और वरिष्ठ उपनिरीक्षक किरन रावत ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी नौकरी और लोन के नाम पर होने वाली ठगी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी लोगों की निजी जानकारी हासिल करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं।

पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी बताना, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना या बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा करना नुकसानदेह हो सकता है। ठग अक्सर डर, लालच और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। इसलिए किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है।

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कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने बताया साईबर ठगी से कैसे बचें

डिजिटल अरेस्ट और फर्जी नौकरी के नाम पर ठगी से बचें

कार्यक्रम में खास तौर पर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर सतर्क किया गया। यदि कोई फोन करके खुद को पुलिस अधिकारी या सरकारी एजेंसी का कर्मचारी बताए और गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे मांगे, तो घबराकर भुगतान नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में संबंधित जानकारी की आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करनी चाहिए।

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विद्यार्थियों को यह भी सलाह दी गई कि वे अनजान लिंक से ऐप डाउनलोड न करें और सोशल मीडिया पर पासवर्ड या निजी जानकारी साझा करने से बचें। नौकरी और लोन के नाम पर मिलने वाले ऑफर की भी जांच करें। किसी भी योजना में पैसा लगाने या दस्तावेज भेजने से पहले उसकी विश्वसनीयता सुनिश्चित करना जरूरी है।

साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत

पुलिस टीम ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाए, तो शिकायत करने में देरी नहीं करनी चाहिए। राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। बैंक खाते से जुड़ी धोखाधड़ी होने पर संबंधित बैंक को भी तत्काल सूचना देनी चाहिए।

इस जागरूकता कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव ज्ञानेन्द्र कुमार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक यश, फॉरेंसिक विभाग के विभागाध्यक्ष विजय यादव और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध रावत सहित अन्य लोग मौजूद रहे। 

Location :  Jhansi

Published :  25 October 2026, 9:27 PM IST

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