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पीड़ित श्याम शंकर सिंह को 65,534 रुपये वापस करते हुए (Image Source: Dynamite News)
Jhansi: डिजिटल लेन-देन के बढ़ते दौर में साइबर ठगी के मामले लोगों के लिए बड़ी चिंता बने हुए हैं। इस बीच झांसी साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए पीड़ित के 65,534 रुपये वापस कराने में सफलता हासिल की है। रकम वापस मिलने से पीड़ित को राहत मिली है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पीड़ित ने झांसी पुलिस की सराहना करते हुए धन्यवाद पत्र भी दिया।
पुलिस के मुताबिक, झांसी के सिविल लाइंस निवासी श्याम शंकर सिंह पुत्र वी.एन. सिंह साइबर अपराध के शिकार हुए थे। उनके मामले में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 65,534 रुपये वापस कराए। यह कार्रवाई शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 231/2026 से संबंधित मामले में की गई।
पुलिस के अनुसार, रकम वापस कराने के बाद भी मामले में विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है। साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करना पीड़ितों की रकम वापस दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, हर मामले में रकम वापस मिलने की गारंटी नहीं होती, इसलिए ठगी होने पर तुरंत शिकायत करना जरूरी है।
झांसी पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों की सहायता के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम उत्तर प्रदेश विनोद के. सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ, पुलिस महानिरीक्षक झांसी आकाश कुलहरि और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी विकास कुमार के निर्देशन में प्रयास किए गए।
वहीं, पुलिस अधीक्षक नगर एवं नोडल साइबर क्राइम प्रीति सिंह तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम प्रिया सिंह के पर्यवेक्षण में रकम वापस कराने की कार्रवाई पूरी की गई। इस अभियान में थाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक सत्येन्द्र सिंह यादव, निरीक्षक कृष्ण कुमार और कंप्यूटर ऑपरेटर सुमित अग्रवाल शामिल रहे।
पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित को आर्थिक राहत मिली है। साथ ही, यह मामला लोगों को साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की जरूरत भी याद दिलाता है।
साइबर ठग लोगों को फर्जी बैंक अधिकारी बनकर फोन करने, केवाईसी अपडेट के नाम पर संदिग्ध लिंक भेजने और इनाम या निवेश का लालच देने जैसे तरीकों से निशाना बना सकते हैं। ऐसे में किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचना चाहिए।
यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो उसे बिना देरी किए साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
समय पर शिकायत करने से संबंधित लेन-देन पर आवश्यक कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है। झांसी साइबर क्राइम पुलिस की इस कार्रवाई में पीड़ित को 65,534 रुपये वापस मिले हैं, लेकिन साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे जरूरी है।
Location : Jhansi
Published : 24 October 2026, 9:01 PM IST