ब्रिटिश नागरिकों को ठगने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़, ईडी ने जब्त की करोड़ों की संपत्तियां!

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ब्रिटेन के बुजुर्गों से इंटरनेट स्पीड बढ़ाने और साइबर हमले का डर दिखाकर 7 करोड़ की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने गोरखपुर और रांची के फर्जी कॉल सेंटरों से जुड़े आरोपियों की 3.72 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं, जिनमें फ्लैट, भूखंड और बैंक खाते शामिल हैं।

Updated : 24 October 2026, 12:28 PM IST
google-preferred

Gorakhpur: ब्रिटेन के बुजुर्ग नागरिकों को ठगने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने इस मामले में आरोपियों की 3.72 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। यह गिरोह इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने का झांसा देकर लोगों को अपना शिकार बनाता था और अब तक करीब सात करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दे चुका है। प्रयागराज उप क्षेत्रीय कार्यालय इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है।

फर्जी कॉल सेंटर और ठगी का तरीका

जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने गोरखपुर और रांची में 'ग्लोबर्ड कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड' और 'जुबिलेट इंफो प्राइवेट लिमिटेड' के नाम से फर्जी कॉल सेंटर बना रखे थे। आरोपी खुद को ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी 'बीटी ओपनरीच' का प्रतिनिधि बताते थे। वे ब्रिटेन के बुजुर्गों से संपर्क कर उनके इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने का लालच देते थे। इसके बाद पीड़ितों के फोन या कंप्यूटर में 'एनीडेस्क' और 'क्विक असिस्ट' जैसे रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवा लिए जाते थे, जिससे आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों और निजी उपकरणों तक आसानी से पहुंच जाते थे।

रायबरेली में हाईवोल्टेज ड्रामा: शादी की जिद पर अड़ी किशोरी मोबाइल टावर पर चढ़ी, गांव में मची अफरा-तफरी

डर का माहौल बना कर ऐंठे गए पैसे

गिरोह के शातिर अपराधी यहीं नहीं रुके। उन्होंने पीड़ितों के मन में साइबर हमलों का डर पैदा किया और खुद को ब्रिटेन की धोखाधड़ी रिपोर्टिंग सेवा 'एक्शन फ्रॉड' का अधिकारी बताकर विश्वास जीता। इस तरह वे पीड़ितों से पैसे अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे। गिरोह के कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाता था कि वे किस तरह ब्रिटेन के बुजुर्गों को आसानी से अपने जाल में फंसा सकें। ठगी से मिलने वाली इस अवैध रकम को बाद में वेस्टर्न यूनियन, मनीग्राम और हवाला चैनलों के जरिए भारत, बांग्लादेश और थाईलैंड भेजा जाता था।

मिर्जापुर: परमापुर जलागम में वर्षा जल संचयन से चमकी किसानों की किस्मत, कृषि को मिल रहा नया बढ़ावा

ईडी की बड़ी कार्रवाई और आगे की जांच

गोरखपुर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को आधार बनाकर ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। इस रैकेट में अनिक दत्ता, आकाश गुप्ता और आदित्य मिश्रा समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। शुक्रवार को की गई कार्रवाई के तहत ईडी ने आरोपियों की 3.72 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।

Location :  Gorakhpur

Published :  24 October 2026, 12:28 PM IST

Advertisement