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NEET Re-Exam 2026 (Image Source: Pinterest)
New Delhi: मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा रविवार को अभूतपूर्व और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित की जा रही है। पिछली परीक्षा में हुई गंभीर गड़बड़ियों और पर्चा लीक होने के बाद रद्द हुई परीक्षा से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा को चक्रव्यूह जैसा मजबूत बनाया गया है। देशभर के 5,440 केंद्रों पर आयोजित हो रही इस परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए इतिहास में पहली बार भारतीय वायुसेना की भी मदद ली गई है।
परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और धांधली-मुक्त बनाने के लिए जमीन से लेकर आसमान तक नजर रखी जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए 51,311 जैमर्स और 1.5 लाख हाई-सिक्योरिटी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए ढाई लाख से अधिक पुलिस और प्रशासनिक कर्मियों के साथ ही 15 हजार अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया गया है, ताकि कोई भी बाहरी तत्व व्यवधान न डाल सके।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा से ठीक एक दिन पहले शनिवार को देश और विदेश के 14 शहरों में एक 'मेगा मॉक ड्रिल' का आयोजन किया। सुबह 9 बजे शुरू हुए इस पूर्वाभ्यास के दौरान बैंक से प्रश्न पत्र लाने, ओएमआर शीट को सील करने, तकनीकी उपकरणों की जांच करने और डमी छात्रों की सुरक्षा चेकिंग करने जैसी पूरी प्रक्रिया को दोहराया गया, ताकि रविवार को मुख्य परीक्षा के दौरान किसी भी चूक की गुंजाइश न रहे।
जहाँ एक तरफ सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ एडमिट कार्ड जारी करने में गंभीर लापरवाही भी सामने आई। नागपुर के एक छात्र को भारत के बजाय संयुक्त अरब अमीरात (अबू धाबी) का केंद्र आवंटित कर दिया गया, जिसे बाद में शिकायत मिलने पर सुधारा गया। इसी तरह, ओडिशा की एक छात्रा का परीक्षा केंद्र 1,500 किलोमीटर दूर देहरादून भेज दिया गया था। इन तकनीकी खामियों ने ऐन वक्त पर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की सांसें फुला दीं।
इस महापरीक्षा पर खुद देश के शीर्ष नेतृत्व की नजर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट सचिव के माध्यम से तैयारियों की पल-पल की रिपोर्ट ली है। उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता किसी भी कीमत पर भंग नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि छात्रों का हित सर्वोपरि है और यदि किसी अभ्यर्थी को कोई समस्या आती है, तो उसका तुरंत समाधान किया जाए।
इस बार डमी कैंडिडेट (मुन्नाभाइयों) को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर ही एआई-आधारित फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) और डिजिटल थम्ब इम्प्रैशन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे किसी भी फर्जी परीक्षार्थी का प्रवेश नामुमकिन हो सके।
दिल्ली स्थित मुख्य मुख्यालय में एक अत्याधुनिक 'केंद्रीय वार रूम' बनाया गया है, जहाँ से देश के सभी 5,440 परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी फीड की लाइव मॉनिटरिंग सीधे उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
Location : New Delhi
Published : 21 June 2026, 8:20 AM IST
Topics : NEET Exam NEETReExam NEETUG2026 NTALatestUpdate