लखनऊ में बेटा बना हैवान, पहले की दर्दनाक हत्या फिर आरी से काट डाली पिता की डैडबॉडी

लखनऊ के आशियाना के सेक्टर L में रहने वाले शराब कारोबारी और पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उनके बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े-टुकड़े करके सदरुना इलाके में फेंक दिए गए। सिर और धड़ घर के अंदर एक ड्रम से बरामद हुए।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 24 February 2026, 2:57 PM IST
google-preferred

Lucknow: लखनऊ के आशियाना के सेक्टर L में रहने वाले शराब कारोबारी और पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उनके बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े-टुकड़े करके सदरुना इलाके में फेंक दिए गए। सिर और धड़ घर के अंदर एक ड्रम से बरामद हुए। पुलिस ने बेटे के खिलाफ हत्या और सबूत छिपाने के आरोप में FIR दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

शव को गलाने का था प्लान

इस मामले में अब एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। मानवेंद्र के घर से शव पर इस्तेमाल किया गया एसिड भी मिला है। परिवार का दावा है कि अक्षत का इरादा शव को नीले ड्रम में रखकर गलाने का था और इसी मकसद से उसने एसिड खरीदा था। परिवार ने आज तक को बताया कि वे अभी भी इस घटना से सदमे में हैं। किसी ने सोचा भी नहीं था कि अक्षत ऐसा जुर्म करेगा।

कुछ लोगों ने यह भी बताया कि शव मिलने के समय उसकी बहन भी मौजूद थी। मानवेंद्र के भाई भक्ति वर्धन सिंह इस घटना से दुखी हैं। DCP सेंट्रल विक्रांत वीर के मुताबिक, 21 फरवरी को आशियाना पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत मिली थी। पुलिस ने मानवेंद्र सिंह के छोटे भाई अरविंद कुमार से पूछताछ की, जो सेक्रेटेरिएट सिक्योरिटी में तैनात हैं। इसके बाद अक्षत से पूछताछ की गई और पता चला कि मानवेंद्र अपने बेटे पर NEET एग्जाम की तैयारी करने का दबाव बना रहा था। हालांकि, परिवार NEET थ्योरी से सहमत नहीं है और उनका मानना ​​है कि कोई और मकसद था।

Etah News: तीन दुकानों में सेंधमारी से हड़कंप, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात

घटना के समय बहन अपने कमरे में सो रही थी।

20 फरवरी की रात को पिता और बेटे के बीच किसी बात पर झगड़ा हो गया। गुस्से में आकर अक्षत ने अपनी लाइसेंसी राइफल से अपने पिता को गोली मार दी। मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय अक्षत की छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी। शोर सुनकर वह कमरे में भागी और देखा कि उसके पिता की बॉडी वहां पड़ी थी। मानवेंद्र के पिता, सुरेंद्र पाल सिंह, एक रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर हैं और जालौन में रहते हैं।

घटना के बाद, पुलिस आशियाना पहुंची। बॉडी के हिस्सों को पोस्टमॉर्टम हाउस में रख दिया गया है। हाथ और पैर भी बरामद कर लिए गए हैं। घटना घर की तीसरी मंज़िल पर हुई। पूछताछ में, आरोपी ने पुलिस को बताया कि मर्डर के बाद, वह बॉडी को घसीटकर ग्राउंड फ्लोर पर ले गया, उसे एक खाली कमरे में रखा, और फिर बॉडी को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।

मैनपुरी में दबंगों का कहर, गरीब के नए मकान पर चला ट्रैक्टर-हैड्रा; जान से मारने की दी धमकी

शुरू में बॉडी को गोमती नदी में फेंकने का प्लान था।

शुरू में उसने बॉडी को एक कार में लादकर गोमती नदी में फेंकने का प्लान बनाया, लेकिन बॉडी इतनी भारी थी कि वह अकेले ऐसा नहीं कर सकता था। फिर उसने एक आरी खरीदी और अपने पिता की बॉडी के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। धड़ को ठिकाने नहीं लगा सका, तो उसने एक नीला ड्रम खरीदा और उसे उसमें रख दिया। फिर उसने बॉडी को पिघलाने का प्लान बनाया, इसके लिए उसने एसिड खरीदा। हालांकि, पुलिस ने उससे पहले ही पूरी हत्या का पर्दाफाश कर दिया।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 24 February 2026, 2:57 PM IST

Advertisement
Advertisement