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बांस बल्ली के सहारे लटके तार (IMG: Dynamite news)
Deoria: जिले में बिजली विभाग की लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां बिजली के मुख्य खंभे से 100 मीटर से अधिक दूरी तक सैकड़ों उपभोक्ताओं के घरों तक केबल के तार खींचकर बिजली पहुंचाई जा रही है। जमीनी हकीकत यह है कि मोहल्ले में जाने वाली सड़क के किनारे कई जगह बिजली के तार बल्ली और अस्थायी सहारे के भरोसे लटक रहे हैं। कुछ स्थानों पर केबल जमीन से सटकर गुजरता दिखाई दे रहा है।
हैरानी की बात यह है कि इन्हीं कनेक्शनों से लोगों के घरों में टीवी, फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन समेत तमाम बिजली के उपकरण चल रहे हैं। यानी एक तरफ उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बेहद असुरक्षित नजर आ रही है। ऐसी स्थिति में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है जिसमें मूसलाधार बारिश आंधी तूफान ओलावृष्टि जल जमा या कोई मवेशी द्वारा खंभे को तोड़ दिया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
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जिस रास्ते के किनारे यह तार खींचे गए हैं, उसी सड़क से प्रतिदिन नौनिहाल, छात्र-छात्राएं, बुजुर्ग, महिलाएं और ठेला-खोमचा लगाने वाले लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में यदि कोई तार टूटकर सड़क पर गिरता है या करंट उतरता है तो गंभीर हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली कनेक्शन देते समय विभाग द्वारा उनसे निर्धारित शुल्क जमा करा लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद आज तक बिजली का खंभा नहीं लगाया गया। मजबूरी में लोगों को अस्थायी व्यवस्था के सहारे बिजली का उपयोग करना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि जब कनेक्शन की दूरी अधिक हो तो सुरक्षित बिजली आपूर्ति के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि 100 मीटर से अधिक दूरी होने के बावजूद खंभा नहीं लगाया गया और केबल के सहारे बिजली पहुंचाई जा रही है। बिजली कनेक्शन धारक रवि शुक्ला, अरविंद शाही ,मुन्ना निषाद, संतोष कुमार, इष्ट देव मुनि शुक्ला, रंभा देवी, आरती दुबे का कहना है कि बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि बिजली विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा या उससे पहले सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।
स्थानीय लोगों का सीधा सवाल है कि यदि सड़क किनारे लटक रहे तार की चपेट में आकर कोई बच्चा, बुजुर्ग या राहगीर घायल होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? लोगों ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि मौके का तत्काल निरीक्षण कराकर अस्थायी तारों को हटाया जाए, आवश्यकतानुसार बिजली के खंभे लगाए जाएं और सुरक्षित तरीके से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल सवाल यही है कि क्या बिजली विभाग किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है, या फिर हादसे से पहले ही इस जमीनी समस्या का समाधान करेगा?
Location : Deoria
Published : 22 September 2026, 12:29 PM IST