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हाथरस में बाल विवाह रोकने की तैयारी (IMG: Dynamite News)
Hathras: बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर रोक लगाने और बच्चों को हिंसा, शोषण व दुर्व्यवहार से सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने गांव स्तर पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्राम स्तरीय समितियों को सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई है। सोमवार को हाथरस के सासनी विकासखंड में आयोजित ब्लॉक स्तरीय बैठक में बाल संरक्षण, महिला कल्याण और बालिकाओं की शिक्षा से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल और मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित के निर्देशन में जिला प्रोबेशन अधिकारी सीमा मौर्या के नेतृत्व में यह बैठक आयोजित की गई। विकासखंड सासनी में हुई ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और बाल विवाह ब्लॉक टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी अनुज मिश्रा ने की। बैठक में महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ बाल विवाह की रोकथाम और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा पर चर्चा की गई।
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महिला कल्याण विभाग के संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा ने बैठक में विभाग की प्रमुख योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, दत्तक ग्रहण योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, बाल श्रम की रोकथाम और रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत पात्र बालिकाओं को छह चरणों में कुल 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य बेटियों के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा तक परिवारों को आर्थिक सहयोग देना है।
योजना के तहत बालिका के जन्म पर 5,000 रुपये की सहायता मिलती है। इसके बाद पूर्ण टीकाकरण होने पर 2,000 रुपये दिए जाते हैं। बालिका के कक्षा एक में प्रवेश लेने पर 3,000 रुपये, कक्षा छह में प्रवेश पर 3,000 रुपये और कक्षा नौ में प्रवेश लेने पर 5,000 रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं, 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद स्नातक या निर्धारित अवधि के डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर 7,000 रुपये दिए जाते हैं।
हाथरस में बाल विवाह रोकने की तैयारी (IMG: Dynamite News)
बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने शिक्षा विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बालक और बालिकाओं को शिक्षा के समान अवसर मिलने चाहिए। इसके लिए अभिभावकों को भी जागरूक करना जरूरी है, ताकि बेटियों की पढ़ाई बीच में न छूटे और वे आगे बढ़ सकें। प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी स्मृति दुबे ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी। उन्होंने ग्राम स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों को सक्रिय बनाने और उनकी नियमित बैठकें आयोजित करने पर जोर दिया।
वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक मनीषा भारद्वाज ने महिलाओं की सुरक्षा और सहायता से जुड़ी सेवाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से कानूनी सहायता, अस्थायी आश्रय, मनोसामाजिक परामर्श, चिकित्सा सुविधा और पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने घरेलू हिंसा अधिनियम-2005, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम यानी पॉश एक्ट-2013 के प्रावधानों की जानकारी भी दी।
Location : Hathras
Published : 2 November 2026, 4:25 PM IST
Topics : Child Marriage Prevention hathras news kanya sumangala yojana UP Government schemes Women Welfare Schemes