हिंदी
बिल्लियों के शोर के बीच ग्रामीणों की पड़ी नजर (Source: Dynamite News)
Gorakhpur: गोरखपुर की नगर पंचायत गोला के वार्ड नंबर 14 मन्नीपुर में सोमवार दोपहर उस समय ग्रामीणों में कौतूहल मच गया, जब घने पेड़ों के बीच एक जंगली जीव दिखाई दिया। छोटे कद और लंबी पूंछ वाले इस जीव को देखकर लोगों को पहले समझ नहीं आया कि आखिर यह कौन सा जानवर है। बिल्लियों के लगातार शोर के बीच ग्रामीणों ने जब उसे देखा तो तत्काल वन विभाग को सूचना दी।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार अपराह्न मन्नीपुर इलाके में घने पेड़ों के बीच अचानक बिल्लियों के शोर की आवाज सुनाई दी। ग्रामीण जब मौके पर पहुंचे तो पेड़ों के बीच एक जंगली जीव नजर आया। इसी दौरान मन्नीपुर निवासी उत्कर्ष शेखर तिवारी भी वहां से गुजर रहे थे।
वन्यजीवों में रुचि रखने वाले उत्कर्ष ने जीव को देखा और उसे बिल्लियों से सुरक्षित रखने के साथ ही तत्काल वन क्षेत्राधिकारी शिवजीत सिंह को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई।
वन क्षेत्राधिकारी शिवजीत सिंह के नेतृत्व में वन दरोगा मुन्नीलाल और वन विभाग के सिपाही कौशल मौके पर पहुंचे। टीम ने काफी सावधानी से जंगली जीव की गतिविधियों और उसकी शारीरिक बनावट का निरीक्षण किया।
जांच के बाद वनकर्मियों ने उसकी पहचान उदविलाव के रूप में की। इसके बाद टीम ने सावधानीपूर्वक उसका रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित अपने साथ ले गई। इस दौरान हर्षित तिवारी, अंकित गौड़, मोहित गौड़, विराट मिश्रा, मनीष तिवारी और अमरनाथ तिवारी समेत कई ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।
वन क्षेत्राधिकारी शिवजीत सिंह ने बताया कि मन्नीपुर क्षेत्र नदी के तटवर्ती इलाके में आता है। जब जलस्तर बढ़ता है तो कई बार जंगली जीव सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की तलाश में आबादी वाले इलाकों के आसपास पहुंच जाते हैं।
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में उदविलाव कभी-कभार दिखाई देता है। इसलिए इसे असामान्य घटना नहीं माना जा सकता। ग्रामीणों से भी ऐसे वन्यजीव दिखाई देने पर खुद पकड़ने के बजाय वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।
मन्नीपुर और आसपास के गांवों में पिछले वर्ष लकड़बग्घे की मौजूदगी से भी हड़कंप मच गया था। बताया गया कि लकड़बग्घे के हमले में कुछ ग्रामीण घायल हुए थे। इसके बाद वन विभाग ने इलाके में सर्च अभियान चलाया था, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया।
ग्रामीणों का कहना है कि सरयू नदी के आसपास का इलाका होने के कारण यहां समय-समय पर अलग-अलग तरह के जंगली जीव दिखाई देते रहते हैं।
उदविलाव जलस्रोतों के आसपास रहने वाला स्तनधारी वन्यजीव है। इसका शरीर लंबा, पैर छोटे और पूंछ लंबी होती है। यह पानी में तैरने में काफी दक्ष होता है और मुख्य रूप से मछलियों तथा छोटे जलीय जीवों को अपना भोजन बनाता है।
आमतौर पर उदविलाव इंसानों से दूरी बनाए रखता है। मन्नीपुर में भी वन विभाग ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
Location : Gorakhpur
Published : 11 August 2026, 8:02 AM IST