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खजनी में सनसनी
Gorakhpur: जनपद के खजनी क्षेत्र में 29 अप्रैल बुधवार की रात उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब लखनऊ जाने की तैयारी कर रहे दर्जनों ग्राम प्रधानों को पुलिस ने कथित तौर पर रोक दिया। प्रधानों ने इसे “हाउस अरेस्ट” बताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया जबकि पुलिस ने ऐसे किसी भी आरोप से इनकार किया है।
क्या है पूरी खबर?
जानकारी के मुताबिक अखिल भारतीय प्रधान संगठन के बैनर तले प्रधानों का एक प्रतिनिधिमंडल 30 अप्रैल को लखनऊ में प्रस्तावित बैठक में शामिल होने जा रहा था। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को ज्ञापन सौंपकर पंचायत चुनाव समय से कराने या चुनाव में देरी की स्थिति में प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग उठाई जानी थी। गोरखपुर प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष इंजीनियर रुद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में खजनी क्षेत्र के कई प्रधान इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तैयार थे।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी
प्रधानों का आरोप है कि जैसे ही वे खजनी क्षेत्र के खुटभार इलाके में एकत्र हुए वहां खजनी थाना और कैंट पुलिस की टीम पहुंच गई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच उन्हें रात भर घरों से बाहर निकलने नहीं दिया गया, जिससे वे लखनऊ के लिए रवाना नहीं हो सके। प्रधानों ने इसे प्रशासन की “दबाव की रणनीति” बताते हुए नाराजगी जताई।
रुद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और वे सिर्फ अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से रखने जा रहे थे। उन्होंने कहा, “यदि पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराए जा सकते, तो मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।”
वहीं खजनी थानाध्यक्ष जयंत सिंह ने हाउस अरेस्ट के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस नियमित गश्त पर थी और किसी प्रकार की अवैध भीड़ की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची थी। उनके अनुसार प्रधानों को न तो रोका गया और न ही किसी प्रकार की नजरबंदी की गई।
इस घटनाक्रम के बाद खजनी क्षेत्र में माहौल संवेदनशील बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग प्रधानों के समर्थन में हैं तो कुछ इसे कानून-व्यवस्था के लिहाज से जरूरी कदम मान रहे हैं।
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पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर प्रदेश में पहले से ही असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में खजनी की यह घटना न केवल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव को उजागर करती है, बल्कि आने वाले समय में ग्रामीण राजनीति की दिशा भी तय कर सकती है।
Location : Gorakhpur
Published : 30 April 2026, 2:23 PM IST
Topics : Gorakhpur News Latest News UP News UP Police