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रामगढ़ताल झील में रोजाना मर रहीं सैकड़ों मछलियां (Img: Dynamite News)
Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की शान और शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल रामगढ़ताल इन दिनों एक गंभीर समस्या से गुजर रहा है। झील में रोजाना सैकड़ों मछलियों के मरने की खबरों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ताल के किनारे मृत मछलियां दिखाई देने से बदबू फैल रही है, जबकि आसपास रहने वाले लोग इसे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरा बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी समस्या के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रामगढ़ताल सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि गोरखपुर की पहचान भी है। ऐसे में रोजाना मछलियों का मरना और तालाब के किनारों पर गंदगी का जमा होना चिंता का विषय है। लोगों का आरोप है कि झील के आसपास कूड़ा-कचरा पड़ा रहता है, जो बरसात के दौरान पानी में बहकर पहुंच जाता है।
मछलियों की मौत के पीछे कई संभावित कारण बताए जा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि पानी में ऑक्सीजन की कमी इसकी बड़ी वजह हो सकती है। वहीं, ताल में तेजी से फैल रही जलकुंभी और काई भी जल की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है। इसके अलावा झील में नालों का गंदा पानी गिरने से प्रदूषण बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक संबंधित विभाग की ओर से मछलियों की मौत का आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में स्थानीय लोग जांच कराकर सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।
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स्थानीय लोगों ने एक और गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि रामगढ़ताल में मछली पालन भी होता है और यहीं की मछलियां बाजारों में बिक्री के लिए भेजी जाती हैं। ऐसे में अगर इस झील का पानी प्रदूषित है या मछलियां किसी बीमारी की वजह से मर रही हैं, तो इससे लोगों की सेहत पर भी असर पड़ सकता है।
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए प्रशासन को पानी और मछलियों की गुणवत्ता की जांच करानी चाहिए।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से मशीनों के जरिए झील से जलकुंभी हटाने का काम किया जा रहा है। इसके बावजूद लोगों का कहना है कि यह प्रयास पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि जब तक झील में गिर रहे गंदे पानी पर रोक नहीं लगेगी और नियमित सफाई नहीं होगी, तब तक समस्या खत्म नहीं होगी।
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स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे मामले में जनप्रतिनिधियों से भी हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि सांसद रवि किशन को इस मुद्दे को गंभीरता से उठाना चाहिए और राज्य सरकार तक पहुंचाना चाहिए। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी अपील की गई है कि रामगढ़ताल की स्थिति का संज्ञान लेकर संबंधित विभागों को जल्द प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।
Location : Gorakhpur
Published : 29 July 2026, 3:20 PM IST