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खेत में अचानक अचेत होकर गिरा युवक (Image Source: Pinterest)
Gorakhpur: गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र स्थित ककरही गांव में सोमवार की सुबह एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। रोज की तरह सुबह एक 30 वर्षीय युवक घर से बाहर निकला था, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी मौत की खबर घर पहुंची। इस असामयिक मौत ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। घटना के बाद से ही पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है।
जानकारी के मुताबिक, ककरही निवासी रंजीत कुमार (30 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय रामनाथ, सोमवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे शौच के लिए घर से खेतों की तरफ निकले थे। सब कुछ सामान्य था, लेकिन खेत में पहुंचने के कुछ देर बाद ही वह अचानक जमीन पर अचेत होकर गिर पड़े। आसपास के ग्रामीणों ने जब रंजीत को बेसुध हालत में देखा, तो तुरंत उनके परिजनों को इसकी सूचना दी। रोते-बिलखते परिजन आनन-फानन में रंजीत को उठाकर घर ले आए और स्थानीय स्तर पर उपचार की कोशिश की, लेकिन तब तक रंजीत की सांसें थम चुकी थीं।
मृतक रंजीत की पत्नी संगीता ने बताया कि रंजीत पंजाब में रहकर मजदूरी का काम करते थे और परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। करीब एक महीने पहले ही वह पंजाब से अपने गांव लौटे थे। पिछले एक सप्ताह से उनकी तबीयत थोड़ी नासाज चल रही थी, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह बीमारी इतनी जानलेवा साबित होगी। रंजीत के माता-पिता का साया पहले ही उनके सिर से उठ चुका था। अब रंजीत की मौत के बाद उनकी पत्नी संगीता, 6 साल की मासूम बेटी रिया और 3 साल के बेटे वरुण के सिर से भी पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है।
घटना की सूचना मिलते ही गोला थाना प्रभारी निरीक्षक अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और ग्रामीणों व परिजनों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की, लेकिन परिजनों ने युवक की बीमारी का हवाला देते हुए पोस्टमार्टम न कराने का लिखित अनुरोध किया। परिजनों की मांग और ग्रामीणों की सहमति पर पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए पंचनामा भरा और शव को अंतिम संस्कार के लिए बिना पोस्टमार्टम के परिवार को सौंप दिया।
स्थानीय ग्रामीणों और डॉक्टरों की शुरुआती आशंका के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से चल रही भीषण गर्मी और उमस के कारण युवक को 'साइलेंट कार्डियक अरेस्ट' (दिल का दौरा) या हीट स्ट्रोक आया होगा, जिसके कारण उसे संभलने का मौका भी नहीं मिला और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पंजाब से लौटने के बाद रंजीत के पास गांव में रोजगार का कोई साधन नहीं था। बीमारी के कारण वह इलाज कराने में भी आर्थिक रूप से असमर्थ महसूस कर रहा था। अब मुखिया की मौत के बाद इस गरीब परिवार के सामने दाने-दाने का संकट खड़ा हो गया है।
रंजीत के मिलनसार और मेहनती स्वभाव के कारण पूरे गांव के लोग दुखी हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मृतक की असहाय पत्नी और दोनों मासूम बच्चों के भविष्य को देखते हुए परिवार को सरकारी सहायता (कृषक दुर्घटना बीमा या मुख्यमंत्री राहत कोष) के तहत उचित मुआवजा दिया जाए।
Location : Gorakhpur
Published : 22 June 2026, 3:57 PM IST
Topics : Gola Gorakhpur Kakrahi Ranjit Kumar Sudden Death