गोरखपुर नदी हादसे पर सुलग रहे हैं कई सवाल, बिना चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा इंतजामों के आखिर कब तक जाती रहेगी मासूमों की जान?

गोरखपुर तिवारीपुर थाना क्षेत्र के तकिया कवलदह पथरकट टोला में रोहिन नदी में नहाने के दौरान डूबे दो मासूम बच्चों की मौत से कोहराम मच गया। मंगलवार को एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद पूरे गांव में मातमी सन्नाटा है।

Gorakhpur: गोरखपुर तिवारीपुर थाना क्षेत्र के तकिया कवलदह पथरकट टोला में रोहिन नदी में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। नदी में नहाने के दौरान डूबे दो मासूम बच्चों की मौत से गांव में कोहराम मचा हुआ है। बुधवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद 9 वर्षीय पिहू का शव बरामद कर लिया। इससे पहले मंगलवार को 12 वर्षीय सर्वेश यादव को नदी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

नदी में डूबने से गई जान

जानकारी के अनुसार, सर्वेश यादव पुत्र सतीश यादव, निवासी मानीराम, अपने ननिहाल तकिया कवलदह पथरकट टोला आया हुआ था। मंगलवार को वह अपनी ममेरी बहन पिहू और अन्य बच्चों के साथ भैंस चराने गए बच्चों के समूह के साथ रोहिन नदी किनारे पहुंचा। भीषण गर्मी के बीच बच्चे नदी में नहाने उतर गए, लेकिन अचानक गहरे पानी में चले जाने से सर्वेश और पिहू डूबने लगे।

तुरंत शुरू किया था सर्च ऑपरेशन

अन्य बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। नदी किनारे दोनों की चप्पलें मिलने से अनहोनी की आशंका और गहरा गई। सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ और पुलिस टीम ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया। सर्वेश को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। वहीं पिहू की तलाश पूरी रात चलती रही और बुधवार सुबह उसका शव बरामद हुआ।

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बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

सर्वेश कक्षा चार और पिहू कक्षा दो की छात्रा थी। उनकी असमय मौत ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। गांव में हर घर शोक में डूबा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह हादसा एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोहिन नदी के कई घाट बेहद खतरनाक हैं, जहां अचानक गहराई शुरू हो जाती है। इसके बावजूद न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम किए गए हैं।

घटना की सूचना पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसएसपी डॉ. कोस्तुभ समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया। फिलहाल पूरे गांव में एक ही सवाल गूंज रहा है, आखिर सुरक्षा के इंतजाम कब होंगे और मासूमों की जान जाने का सिलसिला कब रुकेगा?

Location :  गोरखपुर

Published :  17 June 2026, 4:48 PM IST

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