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कलेक्ट्रेट स्थित डीएम सभागार में शुक्रवार को बैंकों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम दीपक मीणा ने सख्त तेवर दिखाए हैं। उन्होंने योजनाओं में धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताते हुए संबंधित बैंकों को कड़ी फटकार लगाई।
डीएम ने बैंकर्स को लगाई फटकार
Gorakhpur: कलेक्ट्रेट स्थित डीएम सभागार में शुक्रवार को लीड बैंक के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम दीपक मीणा ने योजनाओं में ढिलाई को लेकर सख्त तेवर दिखाए हैं। उन्होंने योजनाओं में धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताते हुए संबंधित बैंकों को कड़ी फटकार लगाई और लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जनपद गोरखपुर में कुल 411 बैंक शाखाएं संचालित हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत जनपद को 2200 लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया था, जबकि अब तक मात्र 1821 प्रकरणों का ही निस्तारण हो सका है। शेष लंबित मामलों को लेकर जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही करार दिया।
डीएम दीपक मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्राथमिकता वाली योजना है, जिसका उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना में किसी भी स्तर पर टालमटोल या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि बैंक स्तर पर लंबित सभी प्रकरणों की तत्काल समीक्षा कर पात्र आवेदकों के ऋण स्वीकृत किए जाएं।
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जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जिन बैंक शाखाओं की प्रगति लगातार कमजोर पाई जाएगी, उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पात्र आवेदकों को अनावश्यक रूप से बैंक के चक्कर न लगवाए जाएं तथा उन्हें सही और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में डीएम ने बैंकों को आपसी समन्वय मजबूत करने, नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने और फील्ड स्तर पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल फाइलों और आंकड़ों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई देनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक युवा इसका लाभ लेकर अपना रोजगार स्थापित कर सकें।
लीड बैंक नोडल अधिकारी मनोज श्रीवास्तव सहित विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और लक्ष्य पूरा न करने वाले बैंकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।