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जिलाधिकारी दीपक मीणा के सख्त निर्देशों के बाद तहसील सहजनवा में चार अवैध ईंट भट्ठों पर प्रशासन ने कार्रवाई की। कार्रवाई में दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गई और सभी भट्ठों का संचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया।
कार्रवाई संयुक्त प्रशासनिक टीम ने की
Gorakhpur: जिलाधिकारी दीपक मीणा के सख्त निर्देशों के बाद अवैध और ईंट भट्ठों के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार तेज हो गया है। इसी क्रम में सोमवार को तहसील सहजनवा क्षेत्र में चार ईंट भट्ठों पर कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई संयुक्त प्रशासनिक टीम ने की। जिसमें उप जिलाधिकारी सहजनवा, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के नेतृत्व में खनिज विभाग के अधिकारी और थाना सहजनवा की पुलिस शामिल रही।
जांच में पता चला कि इन भट्ठों के संचालक पिछले कई सालों से विनिमय (विनियमन) शुल्क जमा नहीं कर रहे थे। इससे शासन के राजस्व को काफी नुकसान हुआ था। कार्रवाई की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि सेमरादारी स्थित बीएस माक्रा ईंट उद्योग (प्रोपराइटर माधुरी) पिछले तीन-चार वर्षों से शुल्क जमा नहीं कर रहा था। मौके पर प्रशासन ने कच्ची ईंटों को तोड़वा दिया और ईंट पथाई का कार्य तुरंत बंद करा दिया। संचालक को कड़ा निर्देश दिया गया कि बकाया शुल्क ब्याज सहित जमा करें। अन्यथा विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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इसी तरह निबरहार स्थित पीसीएस ब्रिक फील्ड (प्रोपराइटर मनमोहन सिंह) पर भी तीन वर्षों से शुल्क बकाया था। इस भट्ठे पर ईंट लदी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर थाना में खड़ी कर दी गई और भट्ठा संचालन पूरी तरह रोक दिया गया। कुंडा स्थित बीकेओ ब्रिक फील्ड (प्रोपराइटर जनार्दन यादव) और नियामदगंज स्थित आरबीएस ब्रिक फील्ड (प्रोपराइटर कुंवर सिंह) पर भी बिना विनिमय शुल्क के संचालन की पुष्टि हुई। इन भट्ठों पर भी कच्ची ईंटें तोड़ी गईं और ईंट पथाई का कार्य रोक दिया गया।
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जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि जनपद में कोई भी ईंट भट्ठा बिना विनिमय शुल्क जमा किए संचालित नहीं होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले भट्ठा संचालकों के खिलाफ भट्ठा बंदी के साथ-साथ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभियान लगातार जारी रहेगा। इसका मकसद राजस्व की हानि रोकना है। इस कार्रवाई से अन्य भट्ठा संचालकों में चेतना पैदा होगी। नियमों का पालन करने के लिए मजबूर किया जाएगा।