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जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत गगहा पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। हत्या के एक जघन्य मामले में पिछले आठ वर्षों से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामिया अभियुक्त प्रदुम्मन गौड़ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
50 हजार का इनामी आरोपी अरेस्ट
Gorakhpur: जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत गगहा पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। हत्या के एक जघन्य मामले में पिछले आठ वर्षों से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामिया अभियुक्त प्रदुम्मन गौड़ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही वर्ष 2017 के अपहरण और हत्या के सनसनीखेज मामले का एक अहम अध्याय समाप्त हो गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर राज करन नायर के निर्देश पर अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक दक्षिणी के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी बांसगांव के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक गगहा अंजुल कुमार चतुर्वेदी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने अभियुक्त की गिरफ्तारी सुनिश्चित की। पुलिस ने थाना गगहा पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 288/2017, धारा 147, 364, 302 व 201 भारतीय दंड संहिता से संबंधित वांछित अभियुक्त प्रदुम्मन गौड़ पुत्र संजय गौड़, निवासी परसिया, थाना गोला, जनपद गोरखपुर को दबोच लिया।
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पुलिस के अनुसार, वर्ष 2017 में वादी ने थाना गगहा पर प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि पुरानी रंजिश के चलते अभियुक्तों ने उसके पुत्र का अपहरण कर लिया है। शुरुआती जांच में मामला अपहरण का प्रतीत हुआ, लेकिन विवेचना आगे बढ़ने पर यह स्पष्ट हुआ कि अपहरण की घटना हत्या की साजिश के तहत की गई थी। इसके बाद मुकदमे में धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य मिटाना) की बढ़ोत्तरी की गई। घटना के बाद से ही मुख्य अभियुक्त प्रदुम्मन गौड़ फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी गंभीर रहा है। उस पर वर्ष 2017 का अपहरण-हत्या का मामला दर्ज है, वहीं वर्ष 2023 में न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने के आरोप में उसके खिलाफ धारा 174ए के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया था। लंबे समय से फरारी के कारण वह पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।
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गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अंजुल कुमार चतुर्वेदी, उपनिरीक्षक अंकुर कुमार, उपनिरीक्षक आनंद कुमार, कांस्टेबल आलोक कुमार सिंह और कांस्टेबल आनंद प्रधान शामिल रहे। पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।