हिंदी
गोरखपुर में POCSO के एक संवेदनशील मामले में विशेष अदालत ने रिकॉर्ड 16 कार्य दिवसों में सुनवाई पूरी कर आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई “ऑपरेशन कनविक्शन” के तहत हुई, जो तेजी से न्याय दिलाने का उदाहरण बन रही है।
गोरखपुर कोर्ट (IMG: Dynamite News)
Gorakhpur: एक मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पुलिस और न्यायालय की तेज कार्रवाई ने मिसाल पेश की है। जहां आमतौर पर ऐसे मामलों में सालों लग जाते हैं, वहीं इस केस में महज 16 कार्य दिवसों में फैसला आ गया और आरोपी को उम्रकैद की सजा सुना दी गई।
शादी समारोह में हुई थी वारदात
घटना थाना पीपीगंज क्षेत्र के साखी उर्फ मेंहदरिया गांव की है, जहां फरवरी की रात एक शादी समारोह के दौरान 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया। आरोपी अशोक निषाद बच्ची को बहला-फुसलाकर ले गया और वारदात को अंजाम दिया। बच्ची की चीख सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो वह खून से लथपथ हालत में मिली। इसके बाद तुरंत पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।
रायबरेली में रहस्यमयी मौतें! एक दिन में मिली 2 लाश, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस की तेजी से खुला केस
थाना पीपीगंज पुलिस ने बिना देरी किए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी की मां सुनीता देवी ने साक्ष्य छिपाने की कोशिश की, जिसके चलते उसे भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने सिर्फ 5 दिनों में ठोस साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट दाखिल कर दी, जिससे केस मजबूत बना।
नाबालिग से दरिंदगी पर अदालत का वार, आरोपी को 8 साल की सजा, लगा इतना जुर्माना
अदालत ने सुनाई सख्त सजा
विशेष POCSO कोर्ट ने सुनवाई को प्राथमिकता देते हुए तेजी से गवाहों के बयान दर्ज किए और बहस पूरी की। अदालत ने आरोपी को धारा 65(2), 238ए बीएनएस और POCSO एक्ट के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 55 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, साक्ष्य छिपाने के मामले में सुनीता देवी को 4 साल की सजा और जुर्माना भी लगाया गया।
‘ऑपरेशन कनविक्शन’ बना मिसाल
यह पूरा मामला Operation Conviction के तहत तेज कार्रवाई का उदाहरण है। इस अभियान के जरिए गंभीर अपराधों में जल्द सजा सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।