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प्रतीकात्मक छवि (Img: Google)
Aligarh: इलेक्ट्रीशियन एक निर्माणाधीन मकान में बिजली फिटिंग का काम कर रहा था। जब वह काम कर रहा था तो मकान मालिक ने मुख्य दरवाज़ा बंद कर दिया और कुछ निजी काम से थोड़ी देर के लिए बाहर चला गया। जब मकान मालिक थोड़ी देर बाद लौटा और दरवाज़ा खोला, तो उसने इलेक्ट्रीशियन को ज़मीन पर बेहोश पड़ा पाया।
15 मई को अलीगढ़ के महुआ खेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोछोंद गांव में एक निर्माणाधीन मकान के अंदर से एक युवक का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान डी.पी. सिंह (35) के रूप में हुई है, जो इसी गाँव का निवासी था। इस घटना के बाद, परिवार वालों ने मकान मालिक पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि देर शाम तक चले घटनाक्रम के बाद, दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया।
मृतक, डीपी सिंह महेंद्रपाल का बेटा पेशे से इलेक्ट्रीशियन था और गाँव के ही एक निर्माणाधीन मकान में बिजली फिटिंग का काम कर रहा था। बताया जाता है कि जब काम चल रहा था, तो मकान मालिक ने मुख्य दरवाज़ा बंद कर दिया और कुछ ज़रूरी काम से बाहर चला गया। जब वह थोड़ी देर बाद लौटा और दरवाज़ा खोला, तो उसने डी.पी. सिंह को ज़मीन पर बेहोश पड़ा पाया। उसे तुरंत बचाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
परिवार वालों ने हंगामा खड़ा कर दिया और शक ज़ाहिर किया कि इस मौत के लिए मकान मालिक ज़िम्मेदार है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कोई निश्चित कारण सामने नहीं आया है। चूंकि शरीर पर चोट के कोई बाहरी निशान नहीं मिले, इसलिए डॉक्टरों ने प्रयोगशाला जांच के लिए "बिसरा" (आंतरिक अंग) सुरक्षित रख लिया है। उम्मीद है कि इससे मौत के सही कारण का पता चल सकेगा। पीड़ित पक्ष की ओर से कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
Location : Aligarh
Published : 16 May 2026, 3:06 PM IST